जयपुर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और विज्ञान भारती राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 27-28 फरवरी को अपेक्स विश्वविद्यालय में होगा। कार्यक्रम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने की तैयारी है। रॉयल सोसाइटी ऑफ कैमिस्ट्री के सहयोग से कॉइन सेल तकनीक का उपयोग कर एक साथ 25000 वोल्ट ऊर्जा उत्पन्न की जाएगी। इस प्रयास में राज्य के 50 से अधिक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भाग लेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद्र बैरवा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इसमें लगभग 1000 विद्यार्थी, शीर्षस्थ वैज्ञानिक, शिक्षाविद और शोधार्थी भाग लेंगे। विज्ञान भारती राजस्थान के सचिव प्रो. (डॉ.) मेघेन्द्र शर्मा के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को पहचानना और उन्हें शोध और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान नेशनल सेमीकंडक्टर स्किल एंड रिसर्च सेंटर और राजस्थान विज्ञान अकादमी की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। दूसरे दिन “रन फॉर विकसित भारत” का आयोजन होगा, जिसमें हजारों विद्यार्थी भाग लेंगे। सीरी पिलानी, आरटीयू कोटा और एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और शिक्षकों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करेंगे। दूसरे दिन भी अनेक कार्यक्रमों का आयोजन रहेगा। जैसे- पोस्टर मैकिंग, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, कोडिंग, विज्ञानिका (विज्ञान आधारित कविताएँ) के साथ-साथ एआई के माध्यम से विज्ञान की पहेली को सुलझाने के लिए कार्यशाला का आयोजन। स्कूली छात्रों में विज्ञान की रूचि को जगाने के लिए तरल नाइट्रोजन शो, जीवन रक्षा प्रणाली प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण तथा रोबोटिक शो भी आयोजित होगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वी श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि इन गतिविधियों में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा प्रोफेसर सोमदेव शतांशु, कुलपति, अपेक्स विश्वविद्यालय ने बताया कि इस द्वि दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश और देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, शिक्षक, शोधार्थी के साथ-साथ विद्यार्थी भाग लेंगे।


