डीग में मंगलवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सघन समीक्षा बैठक हुई। पंचायत समिति सभागार में हुई इस बैठक का उद्देश्य आमजन को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
इसमें जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं, राष्ट्रीय कार्यक्रमों और आधारभूत चिकित्सा सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत में सीएमएचओ डॉ. विजय सिंघल ने राज्य सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं और विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों की गहन समीक्षा की। उन्होंने नियमित टीकाकरण अभियान, संस्थागत प्रसव एवं मिसिंग डिलीवरी ट्रैकिंग, टीबी मुक्त भारत अभियान और गर्भवती महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने लक्ष्य प्राप्त करने वाले अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इस गति को बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके। हालांकि कलेक्टर ने उन चिकित्सा संस्थानों के प्रति सख्त रुख अपनाया, जिनका प्रदर्शन मानकों के अनुरूप नहीं था। विभागीय कार्यक्रमों में लगातार कम प्रगति के कारण अवार, बेढ़म और बहज के चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या लक्ष्य प्राप्ति में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित निगरानी करने और कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी चिकित्सा योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक निर्बाध रूप से पहुँचना चाहिए।


