टीबी मुक्त भारत अभियान:अधिकारियों को कमियां सुधारने का अल्टीमेटम, प्राइवेट अस्पताल ने टीबी रोगियों की जानकारी छिपाई तो होगी कार्रवाई, मौत पर भी होगी स्टडी

निजी अस्पतालों को भी अब टीबी मरीज की पहचान (नोटिफाइड) होने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जब स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह बताया कि टीबी मरीजों के बारे में निजी अस्पताल सहयोग नहीं कर रहे है तो कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने इसे गंभीर बताते हुए आगे से किसी भी अस्पताल के जानकारी साझा नहीं करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर सभी कमियां सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में जब अधिकारियों ने बताया कि जिले में सक्सेस रेट है। यानी हमारे यहां 100 में से 90 फीसदी मरीज तय समय में ठीक हो रहे हैं। अब तक छह की मृत्यु भी हुई है। इस पर कलेक्टर संबंधित बीसीएमओ को डेथ पर स्टडी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इलाज के बाद भी मृत्यु हुई है तो इसके कारण पता होना चाहिए। इस पर डॉ. पीके वर्मा ने कहा कि एक रोगी टीबी पेशेंट होने के बाद भी नशा कर रहा था। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। परिवार कल्याण में बेहतर काम, की तारीफः कलेक्टर ने परिवार कल्याण में बांसवाड़ा की बेहतर परफॉर्मेंस पर तारीफ की। एडीशनल सीएमएचओ डॉ. भरतराम मीणा ने परिवार कल्याण में रिपोर्टिंग और हो रहे कार्यों के तरीकों को बताया। डॉ. मीणा ने मां योजना की प्रगति रिपोर्ट के बारे में भी जानकारी दी। आरसीएचओ डॉ. दिनेश कुमार भाबोर ने आरसीएच एक्टिविटी, उप नियंत्रक डॉ. डीके गोयल ने जिला अस्पताल संबंधित, डीपीएम ललित सिंह झाला ने एएनसी की प्रगति रिपोर्ट, डीपीओ डॉ वनिता त्रिवेदी ने शहरी स्वास्थ्य केंद्रों संबंधित, डब्लयूएचओ, जपाइगो संस्थान और किलकारी योजना के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. खुशपालसिंह राठौड़, स्वास्थ्य भवन के कार्मिक, बीसीएमओ और सीएचसी प्रभारी मौजूद थे। प्रत्येक गांव में सरपंचों से अपील कर निक्षय मित्र बनाएं टीबी मरीजों के सहयोग के लिए जिले में फिलहाल 128 निक्षय मित्र आगे आए हैं, लेकिन यह संख्या बेहद कम हैं। इस पर कलेक्टर ने सुझाव दिया कि गांवों में भामाशाह की भागीदारी के लिए सरपंचों से अपील की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. एचएल ताबियार ने बताया कि निक्षय मित्र योजना में भामाशाह द्वारा टीबी रोगी के पोषण के लिए खाद्य सामग्री का वितरण किया जाता है। जिले में फिलहाल 128 निक्षय मित्रों के जरिये 37128 फूड बास्केट का वितरण किया जा चुका है। इस पर कलेक्टर डॉ. यादव ने एसीईओ जिला परिषद को बैठक में ही कॉल कर चिकित्सा विभाग को सहयोग करने के निर्देश दिए। फिलहाल जिले में निक्षय पोषण योजना के तहत भी 430 टीबी रोगियों को हर माह 1000 रुपए सरकारी सहायता दी जा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *