चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया ने तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम ने प्रशासन को रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल संपत्तियों के टैक्स को 3% से बढ़ाकर 12% करने का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, 17 फरवरी को हुई निगम सदन की बैठक में पार्षदों के विरोध के चलते यह प्रस्ताव रद्द कर दिया गया था, लेकिन अब निगम प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब अंतिम फैसला प्रशासन को लेना है कि टैक्स कितना बढ़ाया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहले भी कई बार संपत्ति कर बढ़ाने की बात कह चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रशासन इस प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि संपत्ति कर बढ़ता है, तो नगर निगम को 50 से 60 करोड़ तक की अतिरिक्त आमदनी होगी। विरोध के बावजूद प्रस्ताव बढ़ा आगे सदन की बैठक में पार्षदों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था। लेकिन निगम आयुक्त अमित कुमार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह इस फैसले से सहमत नहीं हैं और नगर निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है। अब निगम ने आयुक्त की आपत्ति सहित पूरा प्रस्ताव प्रशासन को भेज दिया है। प्रशासन ने पहले भी लागू किए रद्द प्रस्ताव


