21 वर्ष के बाद ही विवाह करने का छात्राओं को दिलाएंगे संकल्प

भास्कर न्यूज | बिश्रामपुर वीएम कालेज ऑफ नर्सिंग में बेटियों को पढ़ाने और बाल विवाह को रोकथाम के लिये संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व गृहमंत्री छत्तीसगढ़ शासन रामसेवक पैकरा, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक भटगांव विधानसभा रजनी रविशंकर त्रिपाठी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी सूरजपुर के जिला मंत्री अशोक सिंह भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संचालक विजयराज अग्रवाल ने की। मुख्य अतिथि रामसेवक पैकरा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वीएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग परिवार द्वारा आज जिस अभियान की शुरुआत की जा रही है, वाकई ये सभी के लिये प्रेरणादायक है। हर परिवार की बेटियां पढ़ी लिखी अवश्य होनी चाहिये। इस योजना का उ‌द्देश्य पक्षपात लिंग चुनाव की प्रक्रिया का उन्मूलन एवं बालिकाओं के अस्तित्व, सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। यह योजना बालिकाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाती है। इसके साथ ही बाल विवाह से जुड़े मामलों पर अंकुश लगाने के लिये शिक्षकों और विद्यार्थियों की टीम बहुत अच्छा कार्य करेगी। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि रजनी रविशंकर त्रिपाठी ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये एक सामाजिक आंदोलन और समान मूल्यों को बढ़ावा देने के लिये वीएम नर्सिंग कॉलेज द्वारा जागरुकता अभियान प्रारंभ किया गया है वह प्रेरणादायक है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह पर रोक लगाने, पीड़ितों को राहत देने और इस तरह के विवाह को बढ़ावा देने वालों के लिये सजा जैसे प्रावधानों का उपलब्ध कराता है। विजयराज अग्रवाल ने बताया कि हम सभी ऐसे विद्यालयों में जाएंगे जहां कि बालिकायें पढ़ रही हैं और उनसे एक संकल्प लेंगे कि वे परिवार व समाज के दबाव में न आयें। अपनी शिक्षा पूरी करें और 21 वर्ष की अवस्था पूर्ण हो जाने के पश्चात ही विवाह के लिए अपनी सहमति दें। अगर बालिकाओं के साथ जबरदस्ती विवाह का दबाव डाला जाता है तो वो पंचायत प्रतिनिधियों एवं थाने में सम्पर्क कर सकती हैं।

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