टोंक की कवयित्री, समाजसेविका और शिक्षिका रेखा जैन प्रकाश को नेपाल की राजधानी काठमांडू में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान नेपाल की साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल ने नेपाल भारत मैत्री, देवनागरी लिपि संरक्षण और हिंदी नेपाली भाषाओं के प्रचार के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में दिया। उनके साहित्यिक, शैक्षिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। काठमांडू में हुआ सम्मान समारोह कार्यक्रम नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में नेपाल और भारत सहित पांच देशों की साहित्यिक और समाजसेवी प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि और मातृभाषा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। रेखा जैन प्रकाश को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मंच पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था का उद्देश्य शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा कि संस्था का उद्देश्य प्रतिभाशाली रचनाकारों को प्रोत्साहित करना और उनमें नई ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय मंच से नेपाल भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि का संरक्षण और हिंदी नेपाली भाषाओं का वैश्विक प्रचार किया जा रहा है। साहित्यिक और सामाजिक योगदान रेखा जैन प्रकाश की कई साझा संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। राजस्थान साहित्य अकादमी के सहयोग से उनकी एकल कृति सतरंगे मोती भी प्रकाशित हो चुकी है। वे विभिन्न साहित्यिक और सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले भी उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। हिंदी और सामाजिक समानता पर लेखन उनकी कविताएं हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के साथ भाईचारे और सामाजिक समानता का संदेश देती हैं। उनकी रचनाओं को समाज में सकारात्मक सोच के रूप में देखा जाता है। उन्हें यह सम्मान मिलने पर जिले में साहित्य से जुड़े लोगों ने खुशी जताई है।


