भास्कर संवाददाता| डूंगरपुर राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर हुए आयोजनों के समापन समारोह के तहत मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई। सभा के लिए डूंगरपुर जिले से भी लाभार्थियों को ले जाने के लिए 124 बसों की व्यवस्था की गई हैं। इनमें डूंगरपुर आगार की 25 और 99 निजी बसों को अधिग्रहण किया। डूंगरपुर रोडवेज में एक साथ 25 बसों को अधिग्रहण करने से सोमवार और मंगलवार को कुछ मार्गों पर यात्री बे-बस होकर रह गए। बांसवाड़ा और उदयपुर मार्ग के यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। इस मार्ग पर संचालित होने वाली डूंगरपुर आगार सहित प्रदेश भर के आगार की बसों परिवहन विभाग ने रोक ली है। जबकि लंबी दूरी पर संचालित होने वाली रोडवेज और ट्रैवल्स की बसों को भी प्रधानमंत्री की रैली के लिए लगाए जाने से यह रूट भी प्रभावित रहे। डूंगरपुर आगार पहले से बसों की कमी से जुझ रहा है। ऐसे में 25 बसों के अधिग्रहण होने से रोडवेज की बसों को संचालन बिगड़ गया। बसों की कमी और कम शिड्यूल संचालन होने जिले के कई गांवों में आज भी बसों की संचालन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को निजी वाहनों बस,जीप,बोलेरो सहित अन्य निजी वाहनों संचालकों की ओर से दुगुना किराया वसूला जा रहा है। डूंगरपुर की लंबी रूट बांसवाड़ा, उदयपुर, जयपुर और अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को खासी परेशानी होते हुए दिखाई दिए। सोमवार और मंगलवार को उदयपुर आने जाने वाली बसों यात्रियों की पूरी तरह से भरी हुई मिली। मंगलवार को उदयपुर से डूंगरपुर आ रही डूंगरपुर आगार बस में अंदर बैठने के लिए जगह नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने बस की छत पर बैठकर सर्द के बीच अपना सफर पूरा किया।


