युवा नए और प्रगतिशील विचारों को अपनाएं, इसी से हमारा लोकतंत्र विश्व स्तर पर सशक्त होगा: चौधरी

भास्कर न्यूज| महासमुंद भारत सरकार के युवा कार्यक्रम, खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत युवा संसद 2026 का जिला स्तरीय आयोजन महाप्रभु वल्लभाचार्य पीजी कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने जिले के युवा प्रतिभागियों को अपनी वाक्पटुता, तार्किक क्षमता और विधायी समझ को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच प्रदान किया। शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में जिले भर के विभिन्न महाविद्यालयों के युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर इस लोकतांत्रिक पाठशाला का शुभारंभ किया। युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के विचारों से ही भारत का लोकतंत्र सशक्त होगा। युवा संसद केवल एक मंच नहीं, बल्कि एक प्रयोगशाला है जहां भविष्य के नीति-निर्माता तैयार होते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नई पीढ़ी के नवीन और प्रगतिशील विचारों से ही भारत का लोकतंत्र वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगा। सांसद ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा आधुनिक तकनीक और लोकतांत्रिक मूल्यों के समन्वय के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने राष्ट्रवाद की व्याख्या करते हुए कहा कि राष्ट्रवाद हमें मैं(स्वार्थ) से ऊपर उठकर हम (समूह और राष्ट्र) की ओर ले जाता है। यही सामूहिक शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने महिलाओं की समान भागीदारी और सशक्तिकरण को राष्ट्र की मजबूती का आधार बताया। ये राज्य स्तर पर बढ़ाएंगे जिले का मान: कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच जूरी ने जिले के 10 सर्वश्रेष्ठ युवा वक्ताओं का चयन किया। ये प्रतिभागी अब राज्य स्तरीय युवा संसद में महासमुंद जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। विजेताओं में भूमिका दुबे शांतिबाई महाविद्यालय, महासमुंद प्रथम स्थान, गरिमा परमार द्वितीय, हिमांशी चंद्राकर तृतीय, दिनेश साहू चतुर्थ, ऋतु साहू महासमुंद पांचवां, गोविंद साहू छठवां,सोनू सातवां, नुसरत फातमा आठवां, श्रेया मिश्रा नौवां, सुषमा साहू दसवां शामिल है। आपातकाल को भारत देश के लिए एक ऐतिहासिक सबक बताया गया युवा संसद की मुख्य थीम आपातकाल के 50 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक पर केंद्रित रही। प्रतिभागियों ने बताया कि कैसे 1975 में लोकतंत्र की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया था और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने नागरिकों, विशेषकर युवाओं को अपने मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूक होना क्यों आवश्यक है। यह कार्यक्रम विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम के तहत एमवाई भारत प्लेटफार्म के माध्यम से युवाओं को सीधे देश के शीर्ष कानून निर्माताओं से जोड़ने का एक सफल सेतु साबित हुआ। प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया अंत में, सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक प्रतियोगिता थी, बल्कि युवाओं के लिए भारतीय संविधान और संसदीय प्रणाली को गहराई से समझने का एक मील का पत्थर साबित हुआ। इस मौके पर डॉ. मालती तिवारी, अजय कुमार राजा मौजूद थे। सदन की कार्यवाही के दौरान कुमारी दिव्यानी सोनवानी ने अध्यक्ष की भूमिका का अत्यंत गरिमामय और कुशलतापूर्वक निर्वहन किया, जिसे अतिथियों और जूरी मेंबर्स ने खूब सराहा।

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