भास्कर न्यूज | दोरनापाल सुकमा के नक्सल पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में 70 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 5जी स्मार्टफोन व 31 युवाओं को मेसन (राजमिस्त्री) किट दी गई है। कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, जिपं सीईओ मुकुंद ठाकुर सहित अन्य अफसरों ने पुनर्वासित युवाओं से संवाद किया। अफसरों ने कहा कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्थायी आजीविका से जुड़ा हुआ है। युवाओं को स्मार्टफोन से डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन प्रशिक्षण, कौशल विकास और शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलेगी। कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि पुनर्वास केंद्र से युवाओं को कौशल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ सकें। तोंगपाल क्षेत्र के प्रतापगिरी निवासी भीमा ने बताया कि लगभग 15 वर्षों तक नक्सल संगठन से जुड़े रहने के बाद पुनर्वास का निर्णय उनके जीवन का सबसे बेहतर निर्णय साबित हुआ। बड़े सट्टी के सिंघनपारा निवासी बुधरा ने कहा कि जंगल के कठिन जीवन की तुलना में पुनर्वास केंद्र का जीवन कहीं अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक है। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर मधु तेता, डीएसपी मोनिका श्याम, पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी कैलाश कश्यप सहित अन्य मौजूद थे।


