मां की महाआरती दैवीय ऊर्जा का संगम है जो दुष्ट शक्तियों से रक्षा भय से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि लाती है : रामप्रवेश

भास्कर न्यूज | इटखोरी देश में सुख-समृद्धि, खुशहाली, व्यापार में वृद्धि एवं तरक्की, शांति और सकारात्मक ऊर्जा व सभी मनोकामनाओं की पूर्ति तथा ज्ञान-बुद्धि व जीवन में आने वाली बाधाओं और शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए मां भद्रकाली की हर मंगलवार की तरह 24 फरवरी की मंगलवार संध्या भी पुजारियों और भक्तों ने विधि-विधान से महाआरती की। बता दें कि मां की हर मंगलवार की संध्या वर्ष 2015 से लगातार श्रद्धा और भक्ति से मंदिर के साधना चबूतरा पर महा आरती का आयोजन होता आ रहा है। जहां पुजारियों के अलावे भक्तों की भी बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है। पुजारियों ने धूप, दीप, नावेद एवं खीर और फल प्रसाद मां को अर्पित की। इससे पूर्व पुजारियों ने माता रानी की आवाह्ण कर वैदिक मंत्रोच्चार कर महाआरती गाए। जहां भक्ति की बयार बहती रही। मंगलवार अहले सुबह नित्य दिन की तरह श्रद्धा और भक्ति से माता रानी की विशेष रूप से श्रंगार पूजन हुई। मां की श्रंगार पूजन एवं आरती में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ जुटी रही। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं ने माता रानी की जय घोष लगाए। जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिभाव में विभोर हुआ। फिर सुबह से लेकर 12 दिन तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ मां की दर्शन-पूजन के लिए जुटी रही। 12 बजे दिन मंदिर का पट्ट मां के भोग के लिए बंद कर दिया गया। फिर एक घंटे बाद 1 बजे दिन श्रद्धालुओं के पूजा-पाठ के लिए मंदिर का कपाट खोला गया। मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच माता रानी की लगाए गए भोग का महाप्रसाद खीर और फल वितरण किया गया। इसके बाद संध्या में मां की श्रद्धा और भक्ति से महा आरती की गई। संध्या प्रहर में मां के लगाए गए भोग का खीर और फल प्रसाद मंदिर आए श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने जय मां भद्रकाली, हर हर महादेव, जय श्री राम और जयवीर बजरंगबली एवं जय शनि देव की जयघोष लगाते रहे, जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिमय हुआ।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *