फतहसागर यूडीए मार्ग स्थित शिवधाम नीलकंठ महादेव मंदिर में इस वर्ष भी सनातन परंपरा के अनुरूप अनूठा होलिका दहन महोत्सव मनाया जाएगा। शिव दल की ओर से 2 मार्च को गोबर के उपलों और नारियल से निर्मित होली का दहन किया जाएगा। शिव दल प्रमुख मनीष मेहता ने बताया कि मंदिर में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला होलिका महोत्सव सनातन संस्कृति के संरक्षण और परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत यहां होलिका दहन में लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि इस वर्ष होली के निर्माण में 5000 गोबर के उपले, 4000 नारियल, 5 किलो कपूर और 11 किलो घी का उपयोग किया जाएगा। 2 मार्च को सुबह 8 बजे मंदिर प्रांगण में होलिका दहन स्थल को गोबर और मिट्टी से लीपकर भूमि पूजन किया जाएगा। इसके बाद शिव दल कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की टीम मिलकर लगभग 11 फीट ऊंची और 8 फीट चौड़ी होली का निर्माण करेगी। सबसे ऊपर होलिका को प्रह्लाद के साथ विराजित किया जाएगा। रात्रि 9 बजे महाआरती के साथ विधि-विधान से होलिका दहन होगा। रंगभरी एकादशी के अवसर पर 27 फरवरी को रात 8 बजे से मंदिर में फागोत्सव मनाया जाएगा। भजनों की स्वर लहरियों के बीच भक्तगण फूलों और रंगों से प्रभु संग होली खेलेंगे। रात्रि साढ़े 9 बजे मंदिर में श्याम बाबा का प्रकट उत्सव भी आयोजित होगा।


