जबलपुर के कैंट थाना क्षेत्र के सदर विरमानी पेट्रोल पंप के पास भैसासुर और नर्मदा रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाली महिलाओं और पुरुषों ने कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान सड़क पर सब्जियां भी फेंकी गई और महिलाएं भी सड़कों पर बैठ गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। महिलाओं ने अतिक्रमण की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए केंट बोर्ड और जिला प्रशासन के अधिकारियों से दुकान हटाने के लिए मोहलत मांगी। इस दौरान मौके पर पुलिस के जवान मौजूद रहे। छावनी परिषद ने निगम के सहयोग से हटाए अतिक्रमण सदर विरमानी पेट्रोल पंप के सामने भैसासुर और नर्मदा रोड पर बने फुटपाथ पर नर्सरी, सब्जी की दुकानें, मांस-मछली विक्रेता और चाय-पान के टपरों समेत गाड़ियों की रिपेयरिंग की दुकान भी खुल गई थी। जिनको हटाने के लिए केंट बोर्ड कार्यालय के अधिकारियों ने नगर निगम, पुलिस एवं जिला प्रशासन और सेना के सहयोग से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद अतिक्रमणकारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया। हालांकि छावनी परिषद की जेसीबी मशीन ने भैसासुर मार्ग पर बनाए गए टीन शेड की दुकानों को जमींदोज कर दिया। वहीं जब नर्मदा रोड की ओर बनी अस्थायी दुकानों को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही थी। उसी दौरान समस्त विक्रेता प्रशासनिक अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने की मोहलत मांगने लगे। इसी बीच आक्रोशित लोगों ने हंगामा भी कर दिया। इसके बाद कार्रवाई थोड़ी देर के लिए रोकनी पड़ी। अधिकारी बोले- एक साल से दे रहे थे नोटिस रांझी एसडीएम रघुवीर सिंह मरावी और केंट बोर्ड कार्यालय के जूनियर इंजीनियर अनुराग आचार्य ने बताया कि, अतिक्रमणकारियों को पिछले एक साल से नोटिस भेजे जा रहे थे और मुनादी भी कराई जा रही थी कि भैंसासुर मार्ग और नर्मदा रोड की ओर काबिज अपनी दुकानों को हटा लिया जाए। उसके बावजूद भी इन लोगों ने यहां से अपनी दुकानें नहीं हटाई। तब यह कार्रवाई करनी पड़ी। अनुराग आचार्य का कहना है कि कैंट बोर्ड ने इनको पूर्व में केवल प्लेटफॉर्म बनकर दिए थे और इनके द्वारा टीन शेड का निर्माण करा लिया गया। यहां पर लगभग 40 दुकानदार हैं। इनसे डैमेज चार्ज लिये जा रहे थे लेकिन 1 साल से इन्होंने वह भी देना बंद कर दिया है। अतिक्रमणकारियों ने छावनी परिषद पर लगाए आरोप
फुटपाथ पर दुकान लगाकर व्यवसाय करने वाले विक्रेताओं का आरोप है कि केंट बोर्ड की तरफ से उन्हें किसी भी तरह का नोटिस नहीं दिया गया है और ना ही उन्हें दुकान से अपना सामान निकालने का समय दिया गया। अतिक्रमण दल ने आते ही उनकी दुकानों से सामान फेंककर जेसीबी मशीन की मदद से टीन शेड हटाना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोग दुकानों के अंदर भी थे। ऐसे में कोई हादसा हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। सब्जी की दुकान लगाने वाली रूप बावरिया और बरखा ने बताया कि, वह कई सालों से यहां पर दुकान लगाकर अपना जीवन यापन कर रही हैं और केंट बोर्ड ने ही उन्हें फुटपाथ पर व्यवसाय करने का अवसर दिया था, लेकिन अब अचानक उनको यहां से बेदखल कर दिया गया है। ऐसे में उनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। काफी देर तक चलता रहा हंगामा केंट बोर्ड जिला प्रशासन और अतिक्रमणकारियों के बीच चर्चा का दौर भी लंबा चला। इस दौरान अतिक्रमण की कार्रवाई रुका रहा। हालांकि कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी और यहां से सभी अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। ये भी खबर पढ़ें… नरसिंहपुर में अतिक्रमण हटाने की मांग, हुआ प्रदर्शन नरसिंहपुर जिले में अष्टांग चिकित्सालय से लेकर पंचमुखी हनुमान मंदिर तक सड़क किनारे हुए अतिक्रमणों को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से संघर्षरत हैं। इस मुद्दे पर कई बार ज्ञापन सौंपे गए और चेतावनियां भी दी गई, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल औपचारिक कार्रवाई की गई। जिससे नाराज लोगों ने मंगलवार को बड़ा प्रदर्शन किया। पढ़िए पूरी खबर।


