उदयपुर में यूडी-टैक्स जमा नहीं कराने पर 3 संपतियां सीज:नगर निगम ने की कार्रवाई, एक मकान मालिक ने हाथों-हाथ जमा कराए 2 लाख रुपए

उदयपुर में नगर निगम ने यूडी टैक्स (नगरीय विकास कर) जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई की। टीम ने शुक्रवार को शहर के तीन अलग-अलग इलाकों में संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की। निगम की सख्ती का असर भी तुरंत देखने को मिला, जहां एक संपत्ति मालिक ने सीज होने के कुछ घंटों बाद पूरा बकाया टैक्स निगम दफ्तर पहुंचकर जमा करवा दिया। आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश के बाद निगम की टीम ने कार्रवाई की। इन तीन जगहों पर निगम ने जड़ा ताला
नगर निगम की टीम सुबह ही एक्शन मोड में नजर आई। सबसे पहले भूपालपुरा स्थित बजाज भवन (लक्ष्मण दास और किसनदास बजाज) पर कार्रवाई की गई, जिन पर 1 लाख 31 हजार 410 रुपए का टैक्स बकाया था। इसके बाद टीम चेतक सर्किल पहुंची और भगवत सिंह छाबड़ा की संपत्ति को सीज किया। यहां 1 लाख 89 हजार 90 रुपए का टैक्स बाकी था। तीसरी कार्रवाई आयड़ धुलकोट से ठोकर चौराहा रोड पर हुई, जहां जयप्रकाश चौहान के श्रीनाथ सर्विस सेंटर पर 1 लाख 32 हजार रुपए बकाया होने के कारण सील किया गया। नोटिस के बाद भी नहीं जागे, पुलिस बल के साथ पहुंची टीम
आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया- इन सभी व्यावसायिक संस्थानों को पहले ही बकाया टैक्स जमा करने के नोटिस दिए जा चुके थे। बार-बार चेतावनी के बाद भी जब कोई संतोषजनक जवाब या टैक्स नहीं मिला तो राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 के नियमों के तहत कार्रवाई की गई। राजस्व निरीक्षक मोहित अग्निहोत्री और विजय जैन की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और व्यावसायिक गतिविधियां बंद करवा दीं। दोपहर तक जमा हुआ पौने दो लाख का टैक्स
निगम की कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। चेतक सर्किल स्थित जिस संपत्ति को सुबह सीज किया गया था। उसके मालिक भगवत सिंह छाबड़ा ने दोपहर में निगम कार्यालय पहुंचकर पूरा बकाया 1 लाख 89 हजार 90 रुपए जमा करवा दिया। इसके बाद निगम ने उनकी संपत्ति से सीज हटा दी। 31 मार्च तक छूट का मौका, वरना सख्ती
आयुक्त खन्ना ने शहरवासियों से अपील की है कि राज्य सरकार अभी यूडी टैक्स में विशेष छूट दे रही है। 31 मार्च तक स्कीम का फायदा उठाकर लोग अपना पुराना बकाया जमा कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा। जिन भी संस्थानों को नोटिस मिल चुके हैं, वे बिना देरी किए टैक्स भरें, वरना उनकी संपत्ति भी सीज की जा सकती है।

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