भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर रंगों का पर्व होली अब करीब है और बैकुंठपुर के बाजारों में इसकी रौनक साफ देखी जा रही है। शहर के मुख्य बाजार घड़ी चौक, महलपारा और नगर पालिका कॉम्प्लेक्स की दुकानों में हर्बल गुलाल सज चुकी हैं। हालांकि, इस बार का त्योहार ज्योतिषीय गणना और बोर्ड परीक्षाओं के कारण पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा अलग नजर आ रहा है। ज्योतिषीय के अनुसार, इस वर्ष 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। लेकिन रंगों की होली 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को खेली जाएगी। इसका मुख्य कारण 3 मार्च को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण है। ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और उत्सव वर्जित होने के कारण रंग खेलने का कार्यक्रम एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। बाजार में रौनक तो है, लेकिन 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने के कारण छात्रों में इस बार वह उत्साह नहीं दिख रहा। विद्यार्थी और अभिभावक दोनों ही त्योहार की मस्ती के बजाय पढ़ाई को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई युवाओं का कहना है कि वे इस बार केवल सादगी से तिलक लगाकर होली मनाएंगे ताकि उनकी तैयारी प्रभावित न हो। कोरिया जिले की महिला स्व-सहायता समूह इस बार आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। समूह की कोमल तिवारी ने बताया कि वे हरी सब्जियों के पत्तों, चुकंदर और पलाश के फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार कर रही हैं। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए लोग इन हर्बल रंगों को खूब पसंद कर रहे हैं। व्यवसायी अनुराग दुबे के अनुसार, बाजार में 10 रुपए से लेकर 200 रुपए तक की रेंज में रंग उपलब्ध हैं। त्योहारों पर मिलावटी मिठाइयों का खतरा बढ़ जाता है। होटलों में गुझिया और मावा कचौरियों का निर्माण जोरों पर है, लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपलिंग की कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। यातायात प्रभारी बीरबल राजवाड़े ने बताया कि 1 मार्च से विशेष चेकिंग अभियान शुरू होगा। नशे में वाहन चलाने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस बॉडी कैमरा और ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग करेगी।


