तेलंगाना टनल हादसा, 8 मजदूरों के रेस्क्यू का 9वां दिन:भाजपा बोली- मौजूदा और पहले की सरकारों की लापरवाही से हुआ सुरंग हादसा

तेलंगाना के नागरकुर्नूल में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल में फंसे 8 मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का रविवार को 9वां दिन है। 22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद से बचाव कार्य जारी है। बीते 9 दिनों में फंसे मजदूरों से संपर्क नहीं हो सका है। टनल में पानी, कीचड़ और ढेर सारे मलबे के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आ रही हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, NDRD, SDRF समेत 11 एजेंसियां जुटी हुई हैं। इधर, घटना को लेकर राजनीति भी जारी है। भाजपा विधायकों ने टनल का दौरा किया। MLA महेश्वर रेड्डी ने कहा- यह दुर्घटना मौजूदा और पहले की सरकारों के गलत मैनेजमेंट का नतीजा है। लापरवाही के कारण यह आपदा आई। भाजपा विधायक पायल शंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टनल की घटना पर नजर बनाए हुए हैं। सभी जरूरी सहायता मुहैया कराई गई है। हमें उम्मीद है कि अंदर फंसे आठ लोग सुरक्षित बाहर निकल आएंगे। शनिवार को तेलंगाना की मुख्य सचिव शांति कुमारी, मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने सुरंग का दौरा किया था। इसके बाद सभी ने रेस्क्यू में जुटे अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने कहा- मजदूरों के बचाने का प्रयास जारी है। हमें विश्वास है कि रविवार तक हम चार लोगों को बचा लेंगे, जिनकी पहचान हो चुकी है। एम्बुलेंस को मौके पर तैनात किया गया है। सेना की मेडिकल टीमें भी मौजूद हैं। रेस्क्यू की 6 तस्वीरें… फंसे लोगों के परिजन बोले- अंदर की कोई खबर नहीं टनल के अंदर फंसे पंजाब के गुरप्रीत सिंह के चाचा ने बताया कि आज 7 दिन हो गए हैं। अंदर की कोई खबर नहीं है। सरकार से निवेदन है कि हमें जल्दी बताया जाए कि सरकार कब तक उन्हें बाहर निकालेगी। उन्होंने कहा कि गांव में हमारे परिवार के लोग परेशान हैं और खाना नहीं खा रहे हैं। हम लोग चाह रहे थे कि टनल के अंदर जाकर देखे कि हालात क्या है। मुझे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। बोल रहे हैं कि जो टीमें अंदर जा रही हैं, वहीं बताएंगे कि अंदर क्या हो रहा है। झारखंड के संतोष साहू के परिजन सरवन ने बताया कि 22 फरवरी को जानकारी मिली थी कि मेरे जीजा टनल में फंस गए हैं। घटना के 7 दिन हो गए हैं लेकिन हमें कोई जानकारी नहीं मिली है कि वो ठीक हैं या नहीं। हम लोग उम्मीद लगा के बैठे हैं कि कब वो बाहर निकलें और उन्हें घर लेकर जाएं। तेलंगाना सरकार काम तो कर रही है। तेलंगाना सरकार से गुजारिश है कि वे जल्द से जल्द उन्हें बाहर निकाले और हमें उन्हें घर ले कर जाएं। हमारी झारखंड सरकार ने भी दो ऑफिसर को यहां भेजा है। ये लोग भी हमारी सहायता कर रहे हैं। डरे हुए मजदूरों ने काम छोड़ना शुरू किया
रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के बाद टनल में काम कर रहे कुछ मजदूर डर के कारण काम छोड़कर चले गए हैं। सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया कि श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) प्रोजेक्ट में 800 लोग काम कर रहे हैं। इनमें से 300 लोकल और बाकी झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से हैं।अधिकारी ने यह भी कहा कि शुरुआत में मजदूरों में डर जरूर है। हालांकि, कंपनी ने उनके लिए आवासीय कैंप बनाए हैं। कुछ लोग वापस जाना चाह सकते हैं, लेकिन हमारे पास इस बात की कोई रिपोर्ट नहीं है कि सभी मजदूर एक साथ छोड़कर जा रहे हैं। 2 गिरफ्तारियां, 2 पर FIR; कांग्रेस की PM से मांग- SIT बनाएं असम पुलिस ने खदान हादसे के सिलसिले में हनान लस्कर और पुनुश नुनिसा को गिरफ्तार किया। कांग्रेस की दिमा हसाओ यूनिट के कोम केम्पराई और पितुश लंगथासा ने उत्तरी कछार हिल्स स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) देबोलाल गोरलोसा और उनकी पत्नी कनिका होजाई के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। इसमें गोरलोसा और होजाई की तत्काल गिरफ्तारी की मांगकी गई है। दावा है कि ये दोनों खदान में अवैध खनन करवा रहे थे। लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने खदान हादसे को लेकर PM मोदी के नाम चिट्‌ठी लिखी और मामले की जांच के लिए SIT बनाने की मांग की थी। गौरव ने लिखा- पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। ……………………………………………. हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… असम खदान रेस्क्यू- 44 दिन बाद बाकी 5 शव बरामद, पहचान के लिए DNA टेस्ट होगा असम अवैध खदान हादसे में मारे गए 5 और मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। रेस्क्यू टीम को सर्च ऑपरेशन में 44 दिन लग गए। पुलिस ने भास्कर को बताया कि शव बुरी तरह सड़-गल चुके हैं। मजदूरों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *