गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सबसे ऊंची पर्वत चोटी राजमेरगढ़ में आकाश दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में रायपुर से आए खगोल वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों को खगोलीय पिंडों की जानकारी दी। विज्ञान कार्यकर्ता पी सी रथ और अजय भोई ने 10 इंच के न्यूटोनियन रिफ्लेक्टर टेलीस्कोप से शुक्र ग्रह का अवलोकन कराया। उन्होंने रात में आकाश में सबसे तेज चमकने वाले तारे साइरस की पहचान करवाई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि ध्रुव तारा सबसे तेज नहीं चमकता। विशेषज्ञ देवल सिंह बघेल ने एक्स, गामा और पराबैगनी किरणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि तारे टिमटिमाते हैं, जबकि ग्रह नहीं। खगोलीय अध्ययन का चिकित्सा विज्ञान और डिजिटल तकनीक में योगदान भी समझाया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि सौर मंडल के पांच सदस्य- बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि को खुली आंख से देखा जा सकता है। विभिन्न राशियों जैसे सिंह, कन्या, धनु की आकृतियों को तारों को जोड़कर समझाया गया। मघा और रोहिणी नक्षत्रों का भी प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। आकाश दर्शन कार्यक्रम की तस्वीरें-


