एजुकेशन रिपोर्टर|रांची डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में शिक्षकेतर कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर दिखने लगा है। भुगतान लंबित रहने के बीच रविवार को अवकाश के दिन अकाउंट सेक्शन में काम कराए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षकेतर कर्मचारी संघ का आरोप है कि हड़ताल के बावजूद कुछ कर्मचारियों को फोन कर विश्वविद्यालय बुलाया गया, ताकि वेतन-पेंशन निर्गत किया जा सके। सूचना मिलने पर संघ के पदाधिकारी परिसर पहुंचे और लेखा शाखा में दो कर्मचारी कार्य करते मिले। संघ के मुताबिक, इसी दौरान एक कर्मचारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसका रक्तचाप 170/110 दर्ज किया गया। तत्काल नर्स को बुलाकर प्राथमिक उपचार कराया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई। घटना की सूचना पर शैलेन्द्र कुमार, संतोष कुमार, मंगरु उरांव, मनोज कुमार, सत्यदेव पांडेय और अभिषेक कुमार विश्वविद्यालय पहुंचे और सहकर्मी की मदद की। महासचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि वेतन-पेंशन निर्गत कराना प्रशासनिक दायित्व है, लेकिन हड़ताल के बीच अवकाश के दिन कर्मचारियों पर दबाव बनाना उचित नहीं है। संघ ने इस कदम की निंदा करते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी है।


