सरकार की तरफ से निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी के मरीजों को डाइट के लिए एक-एक हजार रुपए महीने दिए जाते है। लेकिन मार्च 2025 से इस योजना के तहत फंड नहीं आया। इसके चलते मरीजों को मदद नहीं मिल पा रही है। हालांकि विभाग की तरफ से कुछ एनजीओ की मदद से मरीजों को हाई प्रोटीन किट(पोषण किट) दिलवाई जा रही हैं, जिसमें मरीजों के लिए राशन होता है। जिले में 2025 में करीब 13 हजार टीबी के मरीज आए थे। मौजूदा समय में करीब छह हजार मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों को केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से डाइट के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत एक-एक हजार रुपए छह महीने के लिए दिए जाते हैं। अगर इलाज छह महीने से ज्यादा होता तो भी दिए जाते है। जबकि एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस) के मरीजों को 18 महीने तक रुपए दिए जाते हैं। यह धनराशि उनके खाते में भेजी जाती है। केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी क्रमश: 60 और 40 प्रतिशत होती है। लेकिन मार्च 2025 से मरीजों को ये रुपये उनके खाते में नहीं दिए गए हैं, क्योंकि योजना को लेकर बजट ही जारी नहीं हुआ है। जिला टीबी अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि 2025 मार्च में आखिरी बार रुपए दिए गए थे। सरकार की तरफ से जैसे ही रुपए आएंगे। मरीजों को दिए जाएंगे। यह है योजना…निक्षय पोषण योजना टीबी रोगियों के लिए 2018 में शुरू की गई। इसका उद्देश्य इलाज के परिणामों में सुधार लाना और टीबी के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम करना है।


