शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम एक बड़ा और विवादित फैसला लेने जा रहा है। मेन सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक की सभी सड़कों की डीप क्लीनिंग और वाशिंग अब निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी है। जिन टेंडरों पर पहले कोई बिड नहीं आया, अब उन्हीं के रेट दोगुना करने की तैयारी है। प्रस्ताव को आगामी एफएंडसीसी बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही डबल रेट पर टेंडर जारी होंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि जब निगम में पहले से करीब 6500 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं और उन्हें हर महीने करीब 6 करोड़ों रुपए वेतन दिया जा रहा है तो फिर निजी कंपनी को इतना बड़ा काम सौंपने की जरूरत क्यों? वहीं, अधिकारी यह नहीं बता पा रहे कि पहले से सफाई का काम कर रहे 6500 मुलाजिमों से आगे क्या करवाया जाएगा। सड़कों की मरम्मत अधूरी है और अब रेट दोगुने कर नए टेंडर की तैयारी हो रही है तो क्या यह फैसला शहर की सफाई सुधारेगा या फिर निगम के खजाने पर डबल बोझ बनकर उभरेगा। एफएंडसीसी की मंजूरी के बाद तस्वीर साफ होगी, लेकिन फिलहाल निगम की रणनीति सवालों में है। मेयर ने माना- कार्ययोजना तैयार नहीं मेयर इंद्रजीत कौर ने माना है कि डीप क्लिनिंग का काम निजी कंपनी करेगी, जबकि मौजूदा कर्मचारियों के लिए नई कार्ययोजना अभी तैयार नहीं की गई है। यानी हजारों कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्य-विभाजन पर अभी स्पष्टता नहीं है। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि बिना ठोस प्लानिंग के निजी कंपनी को काम सौंपने से प्रशासनिक असंतुलन पैदा हो सकता है। 2500 किमी. अंदरूनी सड़कों पर भी डबल खर्च मामला केवल मेन सड़कों तक सीमित नहीं है। शहर की करीब 2500 किलोमीटर अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए भी अलग टेंडर लगाया गया था, लेकिन वहां भी कोई बिड नहीं आया। अब इस टेंडर को भी रिवाइज किया जा रहा है। पहले इसकी अनुमानित लागत करीब 34 करोड़ रुपए थी। अब इसे बढ़ाकर लगभग 56 करोड़ रुपए करने की तैयारी है। पहले जहां 800 रुपए प्रति किलोमीटर रेट तय था, वहीं अब 1400 से 1500 रुपए प्रति किलोमीटर देने की योजना बनाई जा रही है। 5 करोड़ का टेंडर 9.20 करोड़ तक पहुंचा लुधियाना नगर निगम ने शहर की 11 मेन सड़कों (31.6 किमी.) की मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए दो बार टेंडर जारी किए, लेकिन कोई कंपनी सामने नहीं आई। तीसरी बार तीन बिड आए, लेकिन पिछले दो महीनों से उनकी फाइनेंशियल बिड नहीं खोली गई है। अब अधिकारियों ने रिजर्व प्राइस बढ़ाने की तैयारी कर ली है। पहले इस काम की लागत करीब 5 करोड़ रुपए तय की गई थी। अब इसे बढ़ाकर लगभग 9.20 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव है। पहले जहां प्रति किलोमीटर 800 से 900 रुपए के बीच रेट तय किया गया था, वहीं अब 1500 से 1600 रुपए प्रति किलोमीटर करने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि चंडीगढ़ से निर्देश हैं कि जालंधर और अमृतसर की तर्ज पर रेट तय किए जाएं, जहां डबल रेट पर टेंडर फाइनल हो चुके हैं।


