भागदौड़ भरी जिंदगी और मुश्किल हालातों में बेसहारा हुए जरूरतमंदों के लिए आसरा वेलफेयर सोसायटी आज एक मजबूत सहारा बन चुकी है। लेकिन इस नेक पहल के पीछे इसके फाउंडर संजीव कुमार वर्मा संजू का एक गहरा व्यक्तिगत संघर्ष और कभी न हार मानने वाला हौसला छिपा है। साल 2016 संजू के जीवन का वह कठिन दौर था जब परिस्थितियों के चलते उनका अपना मकान बिक गया था। उस मुश्किल घड़ी में सपने टूटे थे लेकिन संजू ने हिम्मत नहीं हारी और शून्य से शुरुआत कर अपने दम पर न केवल परिवार को दोबारा खड़ा किया, बल्कि समाज के उन लोगों के दर्द को भी समझा जो मुश्किल समय में बेसहारा महसूस करते हैं। अपने जीवन के उतार-चढ़ाव से सीख लेते हुए फाउंडर संजीव कुमार वर्मा संजू ने 19 सितंबर 2024 को आसरा वेलफेयर सोसायटी का गठन किया। उनका एकमात्र उद्देश्य यही था कि जो परेशानी और अकेलापन उन्होंने झेला, वैसा किसी और जरूरतमंद को न सहना पड़े। आज यह संस्था उन बुजुर्गों, दिव्यांगों और अभावग्रस्त लोगों के लिए परिवार की भूमिका निभा रही है जिनका कोई सहारा नहीं है। संस्था के सदस्य केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्तिगत रूप से जरूरतमंदों के पास जाते हैं, उन्हें अस्पताल ले जाते हैं, दवाइयां दिलाते हैं और उनके रोजमर्रा के बैंक व अन्य जरूरी कार्यों में एक परिवार की तरह मदद करते हैं। सोसायटी के अध्यक्ष दीपक ग्रोवर (सोनू पाकपटनी) की अगुवाई में यह सेवा यात्रा पूरी तरह निस्वार्थ भाव से चल रही है। संस्था की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके सभी सदस्य अपनी जेब से पैसे खर्च करके इन सेवा कार्यों को अंजाम देते हैं। फाउंडर संजीव संजू के नेतृत्व में अब तक 6 व्हीलचेयर वितरित की जा चुकी हैं और 2 दर्जन से अधिक जरूरतमंदों की सीधे तौर पर आर्थिक सहायता की गई है। इसके अलावा संस्था द्वारा गांवों में राशन वितरित करना, बीमार लोगों के घर में जाकर निशुल्क दवाइयां पहुंचाना व उनका उपचार करना और फुटपाथ पर रहने वाले बेसहारा लोगों की मदद करना जैसे कार्य निरंतर जारी हैं।


