प्रखण्ड के आराभुसाई पंचायत के किसान अब प्याज की खेती से अपनी तकदीर बदल रहे हैं। यहां के आराभुसाई, आराडीह,डोड़वा, झोंझी, बारिकोला और लवाकुदर गांवों में लगभग 120 एकड़ भूमि पर सामूहिक रूप से प्याज की खेती हो रही है। यह पंचायत कटकमसांडी प्रखंड का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक क्षेत्र बन चुका है। हर साल यहां करीब 500 टन प्याज का उत्पादन होता है, जिसे बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तक भेजा जाता है। किसानों का कहना है कि प्याज की खेती से औसतन हर साल 8 से 10 लाख रुपए की आमदनी हो रही है। पहले जो लोग रोजगार के लिए बाहर जाते थे, अब वे अपने गांव में ही खेती से समृद्ध हो रहे हैं। सिंचाई के लिए प्राकृतिक संसाधनों का करते हैं उपयोग: पंचायत के किसान अपने फसलों की सिंचाई के लिए क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों नदी तालाब कुआं आदि का उपयोग कर रहे हैं।सिंचाई के लिए सरकार की ओर से अभी तक इस क्षेत्र में एक भी डीप बोरिंग नहीं कराया गया है।कुछ बड़े किसान स्वयं से डीप बोरिंग करवा कर अपने खेतों की सिंचाई करते हैं।किसानों का कहना है कि सरकार क्षेत्र में डीप बोरिंग कराती है तो प्याज के उत्पादन में वृद्धि होगी। सामूहिक प्रयास से खेती में नवाचार लाकर पाई सफलता: पंचायत के मुखिया आदित्य दांगी, रामदेव रामदेव दांगी, कामेश्वर यादव, सुरेश यादव, जगदीश महतो,राजकुमार यादव,सुरेश यादव,संदीप मुंडा, नोन्हे मसीह, शंकर दांगी, छोटेलाल यादव,रतन दांगी, अर्जुन दांगी,जीवलाल महतो, तिलेश्वर यादव, खड़गधारी महतो,सुनील मुंडा,मो रहमत अंसारी,मो शौकत, टेकलाल यादव,रामेश्वर महतो,राजकुमार मेहता जैसे किसान इस सफलता के प्रेरणा स्रोत बने हैं। इन किसानों ने सामूहिक प्रयास से खेती में नवाचार लाकर सफलता पाई है। आराभुसाई पंचायत के किसान प्रखंड के लिए मेहनत और सामूहिक प्रयास का मिसाल पेश कर रहे हैं।


