झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट आज यानी सोमवार को पेश करेंगे। बजट करीब 1.44 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होगा। यह पिछले साल से करीब 16 हजार करोड़ ज्यादा होगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 का कुल बजट 1 लाख 28 हजार 900 करोड़ रुपए का था। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अपने इस बजट में उन विभागों और योजनाओं को फोकस कर सकती है, जिसे चुनाव के वक्त अपनी घोषणापत्र में रखा था। ऐसे में आज के बजट में फ्रीबीज वाली योजनाओं पर फोकस रहेगा। मंईयां सम्मान, सर्वजन पेंशन, धोती-साड़ी और 200 यूनिट तक फ्री बिजली देने की योजनाओं को हर हाल में पूरा करना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। वहीं, सूत्र बताते हैं कि सरकार अपनी घोषणाओं को हर हाल में पूरा करने पर ध्यान केंद्रित की हुई है। ऐसे में अनुमान है कि करीब-करीब 8 विभाग ऐसे हैं, जहां सरकार पैसे लगाएगी। जबकि 6-7 विभागों के बजट में बढ़ोत्तरी के आसार कम या नहीं भी है। बात इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की करें तो सरकार इसे इस साल पीपीपी मोड, सीएसआर और दूसरे बाहरी सहायता के पूरा करेगी। बजट में इन योजनाओं पर फोकस की उम्मीद मंईयां सम्मान योजना हेमंत सरकार की वापसी में यह योजना मास्टर स्ट्रोक साबित रही है। एक हजार रुपए प्रतिमाह देने के वायदे के साथ शुरू हुई इस योजना के लाभुकों को अब 25 सौ रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं। हालांकि इस योजना से जुड़ी कई तरह की गड़बड़िया सामने आ रही हैं पर अब तक 60 लाख के करीब लाभुक इससे जुड़े हैं। ऐसे में सरकार इस योजना को हर हाल में जारी रखेगी। सर्वजन पेंशन योजना जनता से सरकार अन्य योजनाओं की तरह इस योजना से भी जुड़ती है। इस योजना के तहत महिला, एससी-एसटी और ओबीसी के 50 साल से ज्यादा उम्र वालों को उनके खाते में एक हजार रुपए प्रतिमाह देती है। जेएमएम में रहते चंपाई सोरेन ने इसकी शुरुआत जरूर की है पर वर्तमान सरकार इसे अपनी उपलब्धियों में शामिल करती है। 200 यूनिट तक फ्री बिजली सरकार की यह ऐसी योजना है जिससे वर्तमान में 40 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हैं। चुनाव से ठीक पहले इसकी घोषणा बिजली बिल माफी के तहत की गई थी। इस योजना के तहत 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को कोई पैसा नहीं देना होता है। उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक का एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी नहीं देना होता है। सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना साल 2021 में इस योजना की शुरुआत हेमंत सोरेन ने दुमका के पुलिस लाइन मैदान से दोबारा शुरुआत की है। इसे रघुवर दास सरकार में बंद कर दिया गया था। इस योजना के तहत 10 रुपए में एक साड़ी और एक लुंगी या धोती मिलती है। पीडीएस की दुकान से इसे दिया जाता है। एक लाभुक को साल में दो बार मिलता है। इसके लिए सरकार 200 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करती है। बता दें सोना सोबरन सोरेन झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के पिता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दादा का नाम है। रघुवर दास के नाम है सर्वाधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड झारखंड विधानसभा में बजट पेश करने का सबसे अधिक बार का रिकॉर्ड रघुवर दास के नाम रहा है। सदन में उन्होंने 8 बार बजट पेश किया है। इसके बाद डॉ रामेश्वर उरांव बतौर वित्त मंत्री लगातार पांच बार बजट प्रस्तुत कर चुके हैं। सदन में वर्तमान सीएम हेमंत सोरेन ने भी बजट पेश किया है। उन्होंने दो बार बजट पेश किया है। इनके अतिरिक्त मृगेंद्र प्रताप सिंह ने चार बार, स्टीफन मरांडी ने दो बार और राजेंद्र प्रसाद सिंह ने एक बार बजट पेश किया। बजट सत्र से निकली इस कहानी को पढ़िए… साल 2002 में एनडीए अपने सहयोगी दल जदयू और समता पार्टी के साथ मिल कर सरकार बनाई थी। बाबूलाल मरांडी पहले सीएम बने थे। साल 2003 के मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में झारखंड विधानसभा का बजट सत्र चल रहा था। इसी दौरान जदयू और समता पार्टी के विधायकों ने बगावत कर दी और विपक्ष में जा कर बैठ गए। इस दौरान इंदर सिंह नामधारी स्पीकर थे। वे स्पीकर की कुर्सी छोड़ कर चले गए। हंगामा हुआ और बाबूलाल मरांडी की सरकार गिर गई। पर आंकड़े की कमी की वजह से विपक्ष सरकार नहीं बना सकी। जिसके बाद फिर से एनडीए की सरकार बनी और अर्जुन मुंडा सीएम बने।


