चेक बाउंस के दोषी को एक साल की सजा:3.50 लाख रुपए उधार लिए, 6 माह बाद भी नहीं चुकाए; 4 लाख का जुर्माना लगाया

दौसा में चेक बाउंस के 4 साल पुराने मामले में कोर्ट ने दोषी को एक साल की सजा और 4 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या-2 दौसा के पीठासीन अधिकारी रविकांत मीणा ने सजा सुनाई। परिवादी मनीष कुमार निवासी बीचलवास ने आरोपी मनीष कुमार निवासी डोरोली राजगढ़ हाल निवासी भांकरी रोड पर सर्किट हाउस के पीछे ने फरवरी 2021 में 3 लाख 50 हजार रुपए उधार लिए थे। दोनों के बीच करार हुआ कि 6 माह में बिना ब्याज के राशि लौटा दी जाएगी। करार के अनुसार राशि नहीं लौटाने पर परिवादी ने जुलाई 2022 में तकादा किया तो आरोपी ने 12 अक्टूबर-22 की तारीख अंकित कर एक चेक दिया। भुगतान के लिए उस चेक को परिवादी ने 15 नवंबर-22 को अपने अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक में लगाया तो पर्याप्त रकम नहीं नहीं होने पर चेक बाउंस हो गया। इस पर परिवादी ने आरोपी को नोटिस भिजवाया, जो उसे 3 दिसंबर को प्राप्त हो गया था। इसके बावजूद आरोपी ने भुगतान नहीं किया। इसकी सूचना आरोपी को मौखिक और लीगल नोटिस दोनों के माध्यम से दे दी थी। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया। अधिवक्ता इफ्तेखार खान ने कोर्ट में आरोपी की ओर से दिए चेक तथा परिवादी के नोटिस की प्रति भी पेश की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मनीष कुमार पुत्र योगेश चंद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। खास बात यह है कि परिवादी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संविदा पर 2016 से चालक के पद पर कार्यरत था। वहीं दोषी भी पूर्व में दौसा कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी के पद पर पदस्थापित था।

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