नैसर्गिक वातावरण में हुई जैनेश्वरी दीक्षा:दीक्षार्थियों ने नए वस्त्र धारण किए, नामकरण संस्कार हुआ

आचार्यश्री 108 प्रज्ञासागर जी महाराज के सानिध्य में धार्मिक एवं शैक्षणिक नगरी कोटा में तीन दिवसीय अतिभव्य नैसर्गिक दीक्षा समारोह संपन्न हुआ। केशलोच के साथ उनकी दीक्षा संस्कार हुआ। ब्रह्मचारी देवेन्द्र भैया जी (सूरत), ब्रह्मचारिणी मीना दीदी (उज्जैन) और ब्रह्मचारिणी प्रेमलता दीदी (इंदौर) को क्षुल्लक की दीक्षा विधि विधान से गुरूदेव प्रज्ञा सागर ने दी। प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज द्वारा मंत्रोच्चार के साथ दीक्षा संस्कार प्रारम्भ हुए। जिसमे दीक्षार्थियों के परिग्रह त्याग कर नए वस्त्र धारण किए। छुल्लिकाओं ने सफेद धवल सूती साड़ी एवं छुल्लक महाराज ने एक लंगोटी और एक दुपट्टा धारण किया। उसके बाद नामकरण संस्कार किया गया। मोक्षमार्ग की ओर पहला आधिकारिक कदम रखा। दीक्षार्थी ब्रह्मचारी देवेंद्र अब छुल्लक श्री दिव्यतीर्थ महाराज के नाम से जाने जाएंगे। ब्रह्मचारिणी मीना दीदी और ब्रह्मचारिणी प्रेमलता दीदी छुल्लिका श्री असीम प्रज्ञा माता,छुल्लिका श्री अनंत प्रज्ञा श्री असीम प्रज्ञा माता के नाम से जाने जाएंगे। मुख्य संयोजक यतीश खेड़ावाला ने बताया कि पिछले 10 दिवसों से कोटा के उपनगरों में दीक्षार्थियों की गोद भराई एवम बिंदौरी भव्यता से निकाली गई जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सकल समाज के अध्यक्ष विमल जैन नांता ने बताया कि रविवार को थेगड़ा रोड़ स्थित मधुबन बाग में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे। विधायक संदीप शर्मा, कांग्रेस शहर अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी,भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *