शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरछेड़ी में पदस्थ लिपिक दीपेश साहू को कलेक्टर बालोद के आदेश के तहत जिला कार्यालय के खाद्य शाखा में आगामी आदेश तक कार्य करने के लिए अटैच किया गया था। लेकिन प्राचार्य ने बिना जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी दिए, तत्काल कलेक्टर के आदेश का हवाला देकर लिपिक को स्कूल से मुक्त कर दिया। इस वजह से पिपरछेड़ी, लिमोरा और बिरेतरा के 43 कर्मचारियों का फरवरी माह का वेतन अटका रहा, क्योंकि वेतन बनाने वाला लिपिक ही रिलीव कर दिया गया। राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे और जिला सचिव गजेंद्र पुरी गोस्वामी ने जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी से मामले पर चर्चा की। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि लिपिक को किसके आदेश पर रिलीव किया गया, इसका उन्हें कोई पता नहीं है और उन्हें रिलीव करने से पहले सूचना मिलनी चाहिए थी। जिला खाद्य अधिकारी टीआर ठाकुर ने संघ को बताया कि लिपिक खाद्य शाखा में इसलिए अटैच किया गया क्योंकि वहां कर्मचारी की कमी थी। राज्य कर्मचारी संघ ने अपर कलेक्टर अजय किशोर लकड़ा से मुलाकात कर मांग की कि लिपिक को उसके मूल कार्यस्थल पर तुरंत कार्य मुक्त किया जाए। अपर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी और लिपिक को वेतन बनाने का निर्देश दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में घनाराम देशमुख, भेद कोसले, लोमन राणा, निर्मल कुमार साहू, नरेंद्र कुमार जांगड़े, मुरारी सोनवानी, वेद देवांगन और राजेश साहू शामिल थे।


