जमशेदपुर में 11 हजार करोड़ निवेश करेगा टाटा समूह, रांची में बनेगा होटल

टाटा स्टील जमशेदपुर में विकास के लिए 11,000 करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। इसके तहत नई तकनीक के जरिए स्टील निर्माण की प्रक्रिया को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है। इसे हरित औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह जानकारी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में मीडिया से बातचीत के दौरान दी। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन मौजूद थे। एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह रांची में होटल बनाएगा। युवाओं के कौशल विकसित किए जाएंगे, ताकि उद्योगों की जरूरत के अनुसार उन्हें तैयार किया जा सके। टाटा स्टील के मौजूदा सामाजिक कार्यों के अलावा टाटा समूह की अन्य कंपनियां भी झारखंड में सीएसआर गतिविधियों का विस्तार करेंगी। चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है। औद्योगिक विकास को लेकर राज्य सरकार का रोड मैप निवेशकों को काफी आकर्षित कर रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि झारखंड के समग्र विकास में टाटा समूह हर स्तर पर सहयोग देता रहेगा। हिसार्ना आधारित ग्रीन स्टील प्लांट की तैयारी, कार्बन उत्सर्जन 80% तक घटेगा टाटा स्टील ने कार्बन न्यूट्रल भविष्य की दिशा में हिसार्ना तकनीक आधारित डेमो प्लांट जमशेदपुर में स्थापित करने का निर्णय लिया है। एक मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाले इस संयंत्र में कोक की आवश्यकता नहीं होगी और कम ग्रेड के लौह अयस्क से भी उच्च गुणवत्ता का स्टील तैयार किया जा सकेगा। इस तकनीक से कार्बन उत्सर्जन में 80 % तक कमी आएगी। कंपनी 2030 तक इसे वाणिज्यिक रूप से स्थापित करेगी। टाटा मोटर्स के हाइड्रोजन ट्रकों का परीक्षण शुरू, 16 उन्नत वाहन सड़क पर टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में हाइड्रोजन इंजन आधारित ट्रकों के लिए तकनीकी निवेश किया जा रहा है। 20 जनवरी को दिल्ली में लॉन्च के बाद 4 मार्च 2025 से दो ट्रकों का ट्रायल शुरू हुआ। 16 उन्नत भारी वाहन 24 महीने तक मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और जमशेदपुर रूट पर परीक्षण में हैं। आरएंडडी को प्राथमिकता देकर स्वच्छ ईंधन परिवहन और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है मुख्यमंत्री बोले… टाटा समूह ने विश्व स्तर पर बनाई पहचान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि टाटा समूह ने झारखंड ही नहीं, बल्कि विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। कई प्रमुख संस्थान इस समूह द्वारा संचालित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और समूह का यह सहयोग आगे भी मजबूती से जारी रहेगा। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य,आजीविका और कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा। एन चंद्रशेखरन ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इच्छा के अनुरूप टाटा समूह नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों का एक छोटा समूह गठित किया जाएगा। इसमें टाटा समूह के विशेषज्ञों के साथ राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल होंगे। यह समूह झारखंड में नए निवेश और विकास के अवसरों की पहचान करेगा। साथ ही, कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर भी काम होगा। नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री के लिए बनेगा विशेषज्ञ समूह

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *