एजुकेशन रिपोर्टर|रांची जनजातीय विकास की दिशा में संवाद की नई रणनीतियों पर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन होने जा रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के मानवशास्त्र विभाग की ओर से 14-15 मार्च को जनजातीय विकास हेतु सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील रणनीतिक संचार की ओर विषय पर दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस होगा। आयोजन सचिव सह सोशल साइंस डीन डॉ एसएम अब्बास ने बताया कि यह कांफ्रेंस एसोसिएशन ऑफ डेवलपमेंट कम्युनिकेशन, अहमदाबाद और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है। कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, पर्यावरण और शासन से जुड़े मुद्दों पर जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के प्रभावी मॉडल विकसित करना है। कांफ्रेंस के लिए रिसर्च पेपर जमा करने की अंतिम तिथि 10 मार्च है। कांफ्रेंस के संयोजक प्रो. अजीत कुमार सिंह और डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी हैं। नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य वक्ताओं में प्रो. अमिताभ पांडेय (निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल), डॉ. अरबिंद सिन्हा (अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ डेवलपमेंट कम्युनिकेशन, अहमदाबाद), डॉ. एनके अम्बष्ठ (पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली), प्रो. एसी सिन्हा (पूर्व प्रोफेसर), प्रो. वीएस सहाय ( इलाहाबाद विवि), डॉ. वीपी. शर्मा (एनआईआरडी, हैदराबाद), प्रो. रवींद्र के. वेमुला, प्रो. ओंकार प्रसाद, पूर्व वीसी प्रो. एसएन मुंडा समेत अन्य शामिल हैं। (पूर्व कुलपति, DSPMU, रांची) तथा प्रो. सुबीर रॉय (पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय, कोलकाता) शामिल होंगे।


