फतेहगढ़ साहिब में विजिलेंस ब्यूरो ने सरकारी फंड में गबन के मामले में सोमवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अमलोह इंटरप्राइजेज के मालिक सतविंदर को 40.85 लाख रुपए के गबन के आरोप में पकड़ा गया है। यह मामला अमलोह ब्लॉक और विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए आवंटित फंड से जुड़ा है। इसमें फतेहगढ़ साहिब के तत्कालीन बीडीपीओ कुलविंदर सिंह रंधावा की भी मिलीभगत सामने आई है। विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में 9 अगस्त, 2024 को पटियाला रेंज में एफआईआर दर्ज की थी। निजी फर्मों को फायदा पहुंचाने का आरोप विजिलेंस के प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले में कुल पांच आरोपी हैं। इनमें वर्तमान डीडीपीओ कुलविंदर सिंह रंधावा और एक निजी व्यक्ति हंसपाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों पर सरकारी फंड का दुरुपयोग कर निजी फर्मों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। चहेतों की फर्जी फर्मों में ट्रांसफर किए पैसे कुलविंदर सिंह रंधावा पर खन्ना में भी 58 लाख रुपए के गबन का आरोप है। उन्होंने ईओपीएस के तीन फर्जी खाते खुलवाए थे। इनमें से दो अमलोह और एक खन्ना में था। नसराली गांव की पंचायत के 40 लाख रुपए और बुल्लेपुर की पंचायत के 18 लाख रुपए अपने चहेतों की फर्जी फर्मों में ट्रांसफर कर दिए गए थे। मामले की जांच में जुटी पुलिस इसके बाद बीडीपीओ को सस्पेंड कर दिया गया था। बीडीपीओ कुलविंदर सिंह इस मामले में कोर्ट चले गए थे और वहां से आदेश मिलने के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे। विजिलेंस ब्यूरो बाकी आरोपियों की तलाश कर रहा है। मामले की जांच जारी है।


