गौरव पथ स्थित साइंस कॉलेज में शनिवार को वार्षिक पदक वितरण समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कॉलेज की पत्रिका अभ्युदय का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद संतोष पांडे रहे। अध्यक्षता मेयर मधुसूदन यादव ने की। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों के सम्मान के साथ शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं संस्थागत विकास के संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। प्रभारी प्राचार्या डॉ. निर्मला उमरे ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कॉलेज की भावी विकास योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अनुरूप बहु विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, रिक्त और गैर-शैक्षणिक पदों की पूर्ति, 20 किलोवॉट सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना तथा आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से युक्त ग्रंथालय-वाचनालय का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से महाविद्यालय एक आदर्श एवं आत्मनिर्भर संस्थान के रूप में स्थापित होगा। विशेष अतिथियों में खूबचंद पारख, सचिन सिंह बघेल, पूर्व प्राचार्य सुमन बघेल रहे। विद्यार्थी, पैरेंट्स, प्राध्यापक, समाज सेवी और नागरिक मौजूद रहे। जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने कहा कि यह आयोजन समाज का उत्सव है। समिति शिक्षा एवं सांस्कृतिक विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग का आश्वासन मुख्य अतिथि सांसद संतोष पांडेय ने विद्यार्थियों को उच्च आदर्शों, निरंतर परिश्रम और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता परिवार, शिक्षकों एवं समाज की सामूहिक साधना का परिणाम है। उन्होंने कॉलेज को दो आधुनिक इंटर एक्टिव स्मार्ट बोर्ड प्रदान करने की घोषणा कर शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का किया गया सम्मान सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। इसमें अंचल कसर, चैतन्य साहू, लुमिना दास, रूपेश कुमार, गिरीश कुमार, ताकेश्वरी साहू, चांदनी, नम्रता द्विवेदी, धलेश्वर, जान्हवी उके, दीपिका शामिल है। नृत्य-संगीत की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। संचालन डॉ. एसआर कन्नोजे, अनिल चंद्रवंशी ने आभार जताया। कॉलेज प्रबंधन ने सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए इस आयोजन को शिक्षा, संस्कृति एवं सामुदायिक समन्वय की प्रेरणादायी मिसाल बताया।


