करोड़ हो जाएगा कुल कर्ज व दायित्व, जो वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सोमवार को विधानसभा में झारखंड का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। यह बजट 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ का है, जो पिछले साल के बजट 1 लाख 28 हजार 900 करोड़ रुपए से करीब 13 फीसदी अधिक है। यह घाटे का बजट है और कोई नया कर नहीं लगाया गया है। इस बार का बजट फ्रीबीज (मुफ्त वाली) योजनाओं पर फोकस है। मंईयां सम्मान, सर्वजन पेंशन, 200 यूनिट तक फ्री बिजली जैसी योजनाएं सरकार की प्राथमिकता सूची में है। फ्रीबीज वाली योजनाओं के लिए कुल 33,250 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का 23 फीसदी है। वहीं सिर्फ मंईयां सम्मान के लिए 13,363 करोड़ रुपए रखे गए हं, जो योजना बजट का 14.56% और कुल बजट का 9.19%है। वहीं शिक्षा, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास विभाग के बजट में कटौती कर दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में सरकार ने सोशल सेक्टर पर विशेष फोकस किया है। इस सेक्टर के लिए बजट में सबसे अधिक 62,840 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जबकि सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 37,884 करोड़ और आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 44,675 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 24 साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बहुत ध्यान दिया गया, इसलिए इस बार सरकार का फोकस सोशल सेक्टर पर है। प्रदेश की अनुमानित आय प्रदेश को स्टेट टैक्स से आय 35,200 करोड़ रुपए प्रदेश को सेंट्रल टैक्स से आय 47,040 करोड़ रुपए आंतरिक उधारी और अन्य से आय 42,913 करोड़ रुपए प्रदेश का अनुमानित खर्च सैलरी, पेंशन, फ्रीबीज, अन्य पर खर्च 54,428 करोड़ रुपए इसमें से कर्ज के ब्याज का भुगतान 6,355 करोड़ रुपए कर्ज, भवन, सुविधा विकास आदि पर 8,992 करोड़ रुपए विभागों का योजना बजट मंईयां के लिए समाज कल्याण का बजट 275 फीसदी बढ़ा… विभाग 2024-25 2025-26 समाज कल्याण 8000 करोड़ 22,000 करोड़ ऊर्जा 9300 करोड़ 9800 करोड़ गृह 1552 करोड़ 1702 करोड़ महिलाओं पर फोकस क्यों? नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की कोशिश वित्त मंत्री ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रही है। सरकार चाहती है कि महिलाएं आत्मनिर्भर हों, सशक्त हों। इसीलिए सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इसके तहत हर महीने महिलाओं के खाते में 2500 रुपए दिए जा रहे हैं। दरअसल सरकार के सत्ता में आने के पीछे महिलाएं ही थीं। बाल विवाह रोकने की पहल सावित्री बाई फुले किशोरी योजना के तहत सहायता बालिकाओं और किशोरियों को उच्च शिक्षा के प्रति आकर्षित करने, बाल विवाह व कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए चलाई जा रही सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत आठ से 12 साल की बच्चियों को 2500 से 5000 रुपए और 18-19 साल की किशोरियों को 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। कामकाजी गर्भवती पर ध्यान गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को 5000 रुपए दिए जाएंगे कामकाजी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में समुचित आराम व देखभाल के लिए 5000 रुपए दिए जाएंगे। इससे महिलाओं को काफी सहूलियत मिलेगी। इसके लिए योजना मद में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यानी महिलाओं, बच्चों और सामाजिक सुरक्षा के लिए कुल 22,023 करोड़ का बजट रखा गया है। चार लाख को फायदागर्भवती और जच्चा-बच्चा के लिए 60 करोड़ का प्रावधान गर्भवती महिलाओं और जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य व स्वच्छता के लिए चार लाख महिलाओं को 1500-1500 रुपए के मातृ किट बांटे जाएंगे। इसमें मच्छरदानी, जच्चा-बच्चा की पोशाक, तेल, साबुन, बाल्टी आदि होंगे। इसके लिए बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बच्चे स्वस्थ रहेंगे तो प्रदेश का विकास होगा। आउटकम बजट… कुल योजना बजट 91,741 करोड़ रुपए का है। इसमें 13 विभागों की 200 योजनाओं का आउटकम बजट 45,855 करोड़ रुपए रखा गया है। यह योजना बजट का 50 फीसदी है। बाल बजट… इस साल आउटकम बजट की कुल 200 योजनाओं में से बच्चों से संबंधित 42 योजनाओं के आधार पर बाल बजट तैयार किया गया है। इसके लिए कुल 9411 करोड़ रुपए का प्रावधान है, जो पिछले बजट से 6% ज्यादा है। बजट की तैयारियों के बीच अपने घर में खाना बनाते वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर। यह तस्वीर विधानसभा में बजट पेश करने से दो दिन पहले एक मार्च की है। आय-व्यय का अंकगणित मंईयां ने दिलाई थी सत्ता, इसलिए महिलाओं का स्वाद बढ़ाया… पिछले बजट में 18 हजार करोड़ रु. था करोड़ रुपए सरकार को राजस्व प्राप्ति की उम्मीद पिछली बार 1,10,800 करोड़ रु. थी घोषणाएं पूरी करने के लिए सरकार को 20,000 करोड़ रुपए कर्ज लेना होगा और इन विभागों का बजट घटा पथ निर्माण 5800 करोड़ 5300 करोड़ ग्रामीण कार्य 5000 करोड़ 4500 करोड़ ग्रामीण विकास 11,000 करोड़ 9500 करोड़ शिक्षा 6271 करोड़ 6265 करोड़ शिक्षा, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास जैसे विभागों का बजट घटाया गया करोड़ घाटे का बजट, कोई नया टैक्स नहीं फ्रीबीज की योजनाओं पर 33,250 करोड़ रु. का प्रावधान, यह कुल बजट का 23 फीसदी कुल बजट का 9.19 फीसदी और योजना बजट का 14.56 फीसदी मंईयां योजना के लिए


