स्थापना व्यय घटाना बेहतर वित्तीय प्रबंधन का संकेत

तीन एक्सपर्ट से समझें… झारखंड बजट 2025-26 में छिपा अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और राजनीतिशास्त्र पूर्व एचओडी,पीजी राजनीति विज्ञान विभाग बजट में समाज के सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ जरूर वित्त मंत्री ने बजट में समाज के सभी वर्गों को कुछ न कुछ दिया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 80 फीसदी बच्चों के लिए भी प्रावधान किया गया है, क्योंकि बच्चे कल का भविष्य हैं। इसलिए स्कूलों को व्यवस्थित कर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को शिक्षा देने की योजना है। अगर सरकार बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने में सफल रहती है तो विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना आसान हो जाएगा। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। अगर इसमें सफलता मिली तो सामाजिक समरसता के करीब पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। उग्रवाद खत्म होने से विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने में मजबूती मिलेगी।
राज्य के सभी गांवों में सिदो-कान्हू युवा क्लब बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे सामाजिक से रूप से पिछड़ रहे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा। जनजातियों में युवा गृह प्रचलन सlमाप्ति की ओर है। हर गांव में क्लब बनाने से युवाओं को मनोरंजन के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का अवसर मिलेगा। झारखंड का विकास और गरीबों के उत्थान का बजट वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बजट भाषण में कई राजनीतिक उद्देश्यों को साधने का प्रयास किया है। उन्होंने बजट में सर्वजन पेंशन, मंईयां सम्मान, सीएम रोजगार सृजन योजना और कृषि ऋण माफी योजनाओं को जगह दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग को लाभ पहुंचाना है। बजट में झारखंड अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद के गठन का भी प्रावधान किया गया है। यह अनुसूचित जाति के लोगों के हितों की रक्षा और विकास का काम करेगी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है कुल मिलाकर यह झारखंड का विकास और गरीबों के उत्थान का बजट है। वित्त मंत्री ने बिना कोई अतिरिक्त कर लगाए राजस्व संग्रह बढ़ाने की बात की है। वहीं केंद्र सरकार पर बताया 1.36 लाख करोड़ रुपए हर हाल में लाने की बात की है, जो राज्य के लिए अच्छा कदम है। बजट में सरकार ने मतदाताओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे को पूरा करने का संकल्प जताया है। इसीलिए कुल 1.45 लाख करोड़ के बजट में सिर्फ सामाजिक क्षेत्र पर ही 62,840 करोड़ खर्च करने का प्रावधान किया है। जो आम लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा। प्रो. धीरजमणि पाठक प्रध्यापक, अर्थशास्त्र, सेंट जेवियर कॉलेज रांची यह बजट झारखंड को 2025-26 तक 10 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर केंद्रित है। यह सरकार की अच्छी सोच है। लेकिन इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अधिक रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को मजबूत करना होगा। इस साल का बजट 1,45,400 करोड़ का है, जो पिछले बजट से 12.8% अधिक है। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का करीब 26% है। यह बजट पिछले दो-तीन साल की तुलना में कम वृद्धि दिखाता है। इस बजट में कर राजस्व में 10% और गैर-कर राजस्व में 18% वृद्धि का अनुमान है, जो सरकार की सकारात्मक सोच को दर्शाती है। झारखंड में बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित दृष्टिकोण ने सार्वजनिक खर्च की गुणवत्ता में सुधार किया है, जो बजट में पूंजीगत व्यय के बढ़ते अनुपात से स्पष्ट है। शासन की दक्षता में भी सुधार हो रहा है, जिसे बजट में स्थापना व्यय के घटते अनुपात से समझा जा सकता है। 2022-23 में यह अनुपात कुल बजट का लगभग 45% था, जबकि वर्तमान बजट में इसे 2025-26 तक घटकर 39% करने का अनुमान है, जो बेहतर वित्तीय प्रबंधन का संकेत है। डॉ. पारस चौधरी सोशियोलॉजी हेड एंड डीन आरयू

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