भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर में मंगलवार की शाम को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। इस्कॉन मंदिर सिविल लाइंस द्वारा आयोजित गौड़ पूर्णिमा एवं पुष्प होली महोत्सव के अवसर पर पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। चैतन्य महाप्रभु के आविर्भाव दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस दिव्य समागम की शुरुआत शंख की मंगल ध्वनि के साथ हुई। इसने पूरे मंडल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। समागम स्थल पर उस समय अद्भुत दृश्य देखने को मिला जब हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे की धुन पर झूम उठे। ढोलक और मृदंग की थाप पर महिलाएं भाव-विभोर होकर नृत्य करती रहीं। जयो-जयो प्रभुपाद और हरिबोल के नारों से पूरा वातावरण भक्ति के रंगों में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के दौरान भल बद्रह प्रभु, नरोत्तमानंद दास प्रभु और आशरे गिरिराज दास की उपस्थिति में भगवान का दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ। विशेष रूप से सजाए गए फूल बंगला में विराजमान प्रभु के दर्शनों के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस पावन अवसर पर महाप्रभु को 1008 प्रकार के सात्विक व्यंजनों का महाभोग लगाया गया। ग्रहण के पश्चात आयोजित इस कार्यक्रम में भक्तों ने सामूहिक महामंत्र जप के जरिए विश्व शांति की कामना की। इस्कॉन की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्वामी प्रभुपाद के जीवन और उनकी वैश्विक आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। नरोत्तमानंद दास ने बताया कि इस समागम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाना है। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने पुष्पों की होली खेली और पुण्य लाभ कमाया।


