जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में दूरबीन से बड़ी आंत के कैंसर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के 3 दिन बाद मरीज को छुट्टी दी गई। हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर फतेह सिंह भाटी ने बताया- ईआरएएस प्रोटोकॉल के तहत 3 डी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी लेप्रोस्कोपिक राइट हेमीकोलेक्टोमी विथ सेंट्रल वैस्क्युलर लायगेशन सफलतापूर्वक किया गया। हॉस्पिटल के गेस्ट्रो सर्जरी विभाग में अब नियमित रूप से आंतों और लीवर के कैंसर का इलाज दूरबीन से किया जा रहा है, जिसमें आमाशय,मलाशय आहार नली,पित्त की थैली और अग्न्याशय के कैंसर का ऑपरेशन भी शामिल है। पेट फूलने की थी शिकायत
भोपालगढ़ निवासी मरीज को भूख न लगने,पेट फूला रहने और वजन कम होने की शिकायत थी। उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल लाया गया। डॉक्टर दिनेश ने जांच करने पर बड़ी आंत में कैंसर का बताया। 20 सेंटीमीटर चीरा लगाकर होता है ऑपरेशन
गेस्टरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉक्टर दिनेश चौधरी ने बताया- सामान्यतया बड़ी आंत के कैंसर का ऑपरेशन चीरा लगाकर किया जाता है, जिसमें 20cm का चीरा लगाना पड़ता है और ऑपरेशन के बाद भी मरीज को 10-12 दिन भर्ती रखना पड़ता है। पहली बार दूरबीन से हुआ
मरीज का दूरबीन से पहली बार लपरोसकोपिक राइट हेमिकोलेक्टोमी सेंट्रल वेस्कूलर लायगेशन टोटल मिसोकोलिक एक्सीजन नामक ऑपरेशन किया गया, जो तकनीकी रूप से दूरबीन से करना बहुत जटिल है। इस ऑपरेशन में 5 घंटे का समय लगा और केवल 4 टांके लगे। ऑपरेशन के तीन दिन बाद मरीज को डिस्चार्ज किया गया। ऑपरेशन टीम
गेस्ट्रो सर्जरी विभाग से डॉक्टर दिनेश, डॉक्टर कौशल, डॉक्टर विशाल, डॉक्टर विजय, डॉक्टर शुभम, डॉक्टर मानवी और ओटी इन्चार्ज अरविंद अपूर्वा,गणपत नगाराम ने सहयोग किया। ऐनिस्थिसिया डिपार्टमेंट से डॉक्टर प्रमीला सोनी, डॉक्टर अनीशा, डॉक्टर जितेंद्र, डॉक्टर रेणुका, डॉक्टर जेनिफर डॉक्टर अमृता मौजूद थे। ऑपरेशन टीम को प्रिंसिपल और कंट्रोलर एस एन मेडिकल कॉलेज बीएस जोधा और महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक फ़तेह सिंह भाटी ने बधाई दी।


