जयपुर समेत प्रदेश के तमाम शहरों में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी को सरकार बेचकर रेवेन्यू जुटाने का प्रयास करेगी। इन प्लांट से निकलने वाले पानी को इंडस्ट्री या दूसरे काम के लिए बेचा जा सकता है। सूरत, जामनगर समेत दूसरे शहरों में अभी इस तरह का काम हो रहा है। हम भी इस प्रयास में है कि एसटीपी के पानी को बेचकर निकायों के लिए राजस्व जुटाने का प्रयास करें। ये बात आज यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जयपुर के प्रताप नगर के पास दहलावास स्थित एसटीपी प्लांट के लोकार्पण समारोह में कही। इस प्लांट का जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने अपग्रेडेशन किया और साथ में इसके पास 90 एमएलडी क्षमता का नया प्लांट भी लगाया है। इस तरह यहां अब 215 एमएलडी तक सीवरेज पानी का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। इस लोकार्पण के मौके नगर निगम मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर, विधायक डॉ. कैलाश वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। दो प्लांट किए अपग्रेड
देहलावास में नगर निगम के पहले से दो प्लांट (62.5-62.5 एमएलडी क्षमता के) संचालित थे, जिनको एएसपी तकनीक से एसआरबी तकनीक में अपग्रेड किया गया। इनका अपग्रेडेशन के पीछे कारण ये प्लांट एनजीटी के नियमों के मुताबिक फंक्शनल नहीं थे। इनके अपग्रेड होने ये अब इनसे साफ होने वाला पानी की क्वालिटी पहले से और बेहतर हो गई। नया प्लांट बनने के बाद अब यहां 1.2 और 1.5 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता का बायोगैस और सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जाएगा। 150 एमएलडी पानी रोज आता है देहलावास
एक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर शहर के मानसरोवर, मालवीय नगर, प्रताप नगर सांगानेर समेत कई बड़े क्षेत्रों से 150 एमएलडी सीवरेज का पानी रोजाना देहलावास प्लांट आता है। लेकिन पहले यहां 125 एमएलडी क्षमता के ही दो प्लांट थे। इसे देखते हुए सरकार ने इसके पास ही नया 90 एमएलडी क्षमता का प्लांट लगाने की मंजूरी दी थी, जिसका काम आज पूरा हुआ। औद्योगिक ईकाईयों में उपयोग हो सकता है पानी नगर निगम इंजीनियरों के मुताबिक इस प्लांट में साफ होने वाले पानी का उपयोग इंडस्ट्रीज में किया जा सकता है। देहलावास के पास सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहां इसे सप्लाई किया जा सकता है। ये पानी मशीनों को साफ करने, पार्को में सिंचाई करने समेत अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। सांगानेर में पेपर इंडस्ट्रीज और कपड़ा उद्योगों में भी इस पानी का उपयोग हाे सकता है।


