रायसेन में मंगलवार शाम एक 13 साल के नाबालिग का कट्टे की नोक पर अपहरण किया गया। आरोपियों ने परिजनों से फिरौती में 10 लाख रुपए की मांग की। वहीं, पूरी रात पुलिस ने सर्चिंग अभियान चलाया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना बरेली थाना अंतर्गत महेश्वर गांव की है। आरोपियों ने वारदात को तब अंजाम दिया जब नाबालिग शाम 5 बजे कोचिंग पढ़कर वापस अपने घर लौट रहा था। वहीं, बुधवार सुबह 4 बजे पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी फरार है। साथ ही अपह्रत बालक को भी पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। आरोपियों ने कार का लोन चुकाने के लिए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। नाबालिग के फोन से बहन को फोन किया नाबालिग के पिता ने बताया कि बेटा बरेली कोचिंग पढ़ने आया था। शाम 5 बजे वापस घर लौटते समय एक मारुति वैन वाला आया और रास्ता पूछा इसके बाद बेटे को वैन के अंदर खींच लिया और कनपटी पर कट्टे अड़ाकर ले गए। नाबालिग के पिता ने आगे बताया कि मेरी एक बेटी भोपाल में पढ़ती है। आरोपियों ने बेटे के फोन से बेटी को फोन किया और फिरौती की मांग की। इसके बाद बेटी ने अपहरण की जानकारी मुझे दी। कुछ देर बाद आरोपियों ने मुझे भी फोन किया और 10 लाख रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने पर धमकी भी दी। रात में ही मौके पर पहुंचे आईजी, डीआईजी घटना की जानकारी लगते ही रात में ही आईजी और डीआईजी मौके पर पहुंच गए, जबकि 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी सर्चिंग अभियान में लगे रहे। इस दौरान बाड़ी और बरेली से तीन आरोपियों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पिता ने पैसे रखे, उठाने आए आरोपियों को पुलिस ने दबोचा नर्मदापुरम रेंज के आईजी मिथलेश कुमार शुक्ला ने मामला का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलवार शाम 6 बजे 13 साल के लड़के की अपहरण की सूचना मिली थी। पुलिस ने परिवार के साथ मिलकर आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग कर पुष्टि की। आरोपियों ने 10 लाख रुपए की मांग की थी। पुलिस ने अपह्रत बालक के पिता के साथ पैसे लेकर आरोपियों द्वारा बताए स्थान पर पहुंचे। जहां आरोपियों ने बालक के पिता को पैसे एक स्थान पर रखने को कहा। पुलिस की एक टीम आरोपियों पर निगरानी रखे थी। जैसे ही अपह्रत बालक के पिता ने पैसे रखे कुछ देर बाद आरोपी पैसे उठाने पहुंचे। जहां पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया। साथ ही बालक को भी सुरक्षित बरामद किया। आरोपियों ने कई बार जगह बदली घटना की जानकारी देते हुए नाबालिग ने पिता ने बताया कि बेटे के अगवा होने की सूचना हमने पुलिस को दी इसके बेटे के मामा को फोन कर पैसों की व्यवस्था करने का बोला। हमने करीब 5 लाख रुपए जुटाए। टीआई हमारे साथ गए। इस दौरान आरोपियों ने कई बार जगह बदली। हमने आरोपियों से कहा कि अब अपने पैसे ले लो और हमें मेरा बेटा लौटा दो। आरोपियों के कहने पर हमने बाड़ी ब्रिज के पास पैसे रख दिए। गाड़ी का लोन चुकाने नाबालिग को अगवा किया
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गाड़ी खरीदी थी, जिसका लोन चुकाने के लिए उन्होंने साजिश रची, इस दौरान बालक को अगवा किया और 10 लाख रुपए की मांग की। आपस में रिश्तेदार हैं आरोपी
आईजी मिथलेश शुक्ला ने बताया कि आरोपी आपस में रिश्तेदार है। वे मामा-मौसी के लड़के हैं। गाड़ी का लोन जल्दी हो जाए इसलिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था।


