मध्य प्रदेश विधानसभा के तीसरे दिन विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव अंबेडकर पर दिए बयान का विरोध किया। प्रश्नकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस के विधायकों ने अमित शाह के बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी मांगने को कहा। बीजेपी के विधायकों ने इस बात का विरोध किया जिसके बाद सदन में शोर शराबा बढ़ गया। बढ़ती नारेबाजी के बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा ने साफ कर दिया है कि वे संविधान और बाबा साहेब से नफरत करते हैं। वहीं पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा की हम बाबा साहब का नाम हजार बार लेंगे। दरअसल मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था- अगर वे (कांग्रेस) जितनी बार अंबेडकर का नाम लेते हैं, उतनी बार भगवान का नाम लेते तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिलती। विधायक मार्को ने कहा-मैं नाम नहीं लूंगा फंदेलाल मार्को ने अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए कहा- मैं नाम नहीं लूंगा लेकिन ये कहा गया कि अंबेडकर, अंबेडकर करते हो, इतना भगवान का नाम लिया होता तो कल्याण हो गया होता। (इसके बाद पक्ष-विपक्ष में बहस शुरू हो गई) संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हस्तक्षेप करते हुए कहा इस मामले पर जो कहा है उस पर चर्चा नहीं हो सकती है। इसे रिकॉर्ड से निकाला जाए। विजयवर्गीय की बात सुनकर फंदेलाल मार्को ने कहा यदि रिकॉर्ड से निकाला जाएगा तो मैं इस सदन से बाहर चला जाऊंगा। वहीं, कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि मंत्री तुलसी सिलावट यहां बैठे हैं तो बाबासाहेब अंबेडकर की वजह से बैठे हैं। आग में घी डालने का काम मत कीजिए
बाद में फुंदेलाल मार्को ने कहा जितना व्यवधान हुआ है, उतना समय मुझे दिया जाए। मेरे कहने का मतलब है कि सदियों के घाव को मत कुरेदिए, जो भाईचारा बन रहा है। आप आग में घी डालने का काम मत कीजिए। बरैया बोले-हम भी बदल रहे हैं जमाने के साथ-साथ कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा- एससी-एसटी के लिए बनाए गए नियम बदल दिए गए। आप बाबासाहब को पढ़िए लेकिन आप पढ़ेंगे नहीं।
मध्य प्रदेश में बहनों महिलाओं के साथ कितने बलात्कार हो रहे हैं। 90% बलात्कार पीड़ित महिलाएं अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की हैं। आप बार-बार कहते हैं कि कांग्रेस थी तो ना बिजली थी ना सड़क। जब कांग्रेस थी तो बाबा साहब का अपमान नहीं होता था। आप आए तो बाबा साहब का अपमान भी होने लगा। पहले के CM डराते नहीं थे, आज के सीएम तो दादागिरी करने लगे हैं। इतना ख्याल रखो सताने के साथ-साथ
हम भी बदल रहे हैं जमाने के साथ-साथ। मंत्री विजयवर्गीय ने ली आपत्ति
बरैया के बयान के बाद संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा सभापति महोदय उनके भाषण में से आप देख लीजिएगा कौन से शब्द डिलीट करने योग्य हैं उन्हें विलोपित करा दीजिए। इस पर बरैया ने कहा आप पूरा ही डिलीट कर दो। नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले- देश के दलितों का अपमान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पूरा देश मानता है कि दलित, पिछड़े और आदिवासी बाबा साहेब अंबेडकर को भगवान की तरह पूजते आए हैं। गृहमंत्री शाह की संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर पर की टिप्पणी पर हम आपत्ति जताते हैं। सरकार तुरंत इस पर माफी मांगे। उन्होंने कहा ये पूरे देश के दलितों का अपमान है। दबे कुचले उन वर्गों का अपमान है जो बाबा साहेब को मानते हैं। कमलनाथ बोले- बीजेपी के मंसूबे सामने आए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के मंसूबे अब सामने आ गए हैं। संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर का संसद में अपमान कर भाजपा ने साफ कर दिया है कि वे संविधान और बाबा साहेब से नफरत करते हैं। डॉ अंबेडकर को करोड़ों लोग भगवान की तरह पूजते हैं। देश की जनता इस कृत्य को कभी माफ नहीं करेगी। पीसीसी चीफ पटवारी बोले- हजार बार लेंगे बाबा साहब का नाम पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा की अमित शाह जी सुन लो, हम बाबा साहब अंबेडकर का नाम एक बार नहीं हजार बार लेंगे, बार बार लेंगे।


