भास्कर न्यूज | जालंधर उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल के अंतर्गत रेलवे स्वास्थ्य यूनिट जालंधर में दो दिवसीय प्राथमिक चिकित्सा एवं सीपीआर (सीपीआर) प्रशिक्षण शिविर लगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में रेल यात्रियों की जान बचाने के लिए कर्मचारियों को तैयार करना है। आज भी यह प्रशिक्षण सत्र जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक स्टाफ को ‘जीवन रक्षक’ तकनीकों में माहिर बनाया जा सके। यह सत्र अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्वेता सभ्रवाल के नेतृत्व में आयोजित किया। रेलवे अस्पताल ने प्राइवेट अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से यह ट्रेनिंग दी। पहले दिन 54 कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि पुतलों पर डेमो देकर व्यावहारिक जानकारी दी गई। कर्मचारियों को सिखाया गया कि दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने जैसी स्थिति में सही तरीके से चेस्ट कंप्रेशन और सांस कैसे दी जाती है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) संजीव कुमार ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण देना हमारा निरंतर प्रयास रहेगा। उन्होंने जोर दिया कि रेलवे का लक्ष्य है कि किसी भी इमरजेंसी परिस्थिति में यात्रियों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सीय सहायता मिल सके।


