भास्कर न्यूज|गिरिडीह झारखंड 10 वीं बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच करने कोडरमा एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह अपनी टीम के साथ बुधवार को गिरिडीह पहुंचे। जहां साक्ष्य जुगाड़ को लेकर कई स्थानांे पर पहुंचे और छानबीन की। वे सबसे पहले गिरिडीह स्थित वज्रगृह पहुंचे, जहां से प्रश्नपत्रों की चोरी हुई थी। वज्रगृह की इंट्री प्वाइंट से लेकर भवन के अंदर तक पहुंचे और बारीकी से मामले की पड़ताल की। इसके बाद गिरफ्तार आरोपी अंशु मिश्रा के न्यू बरगंडा स्थित घर पहुंचे, जहां से प्रश्नपत्र वायरल हो रहा था। न्यू बरगंडा में अंशु मिश्रा की नानी रानी मिश्रा से कई बिन्दुओं पर पूछताछ की। अंशु पांडेय की हर गतिविधि से वाकिफ होने के बाद वे सीधे पपरवाटांड़ स्थित समाहरणालय भवन पहुंचे। जहां अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरूआ व डीडीसी स्मृता कुमारी से मिले। यहां करीब आधे घंटे तक दोनों अधिकारियों से वार्ता के दौरान अनुसंधान से जुड़े कई विषयों पर जानकारी प्राप्त किया और जांच में सहयोग की अपेक्षा जताया। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अनुसंधानकर्ता सह कोडरमा एसडीपीओ अनिल सिंह का गिरिडीह पहला दौरा था। अनुसंधान के दौरान एसडपीओ सर्वाधिक समय तक वज्रगृह की छानबीन करते रहे। मुख्य मार्ग जहां प्रश्नपत्रों से लदी ट्रक खड़ी थी। फिर वहां से 50 कदम दूर वज्रगृह में प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए मजदूर व टोटो का इस्तेमाल किया गया। फिर वज्रगृह के मुख्य गेट पर टोटो से प्रश्नपत्रों का बंडल उठाकर मजदूरों द्वारा फर्स्ट फ्लोर में पहुंचाया गया। इस बीच हिन्दी व साइंस का पेपर कैसे चोरी हुई। उस वक्त पुलिस, शिक्षक, मजदूर व अफसर कहां मौजूद थे। हर पहलुओं को बारीकी से जाना। गौरतलब है कि इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें 7 आरोपी गिरिडीह जिले के हैं। जबकि कुछ और लोगों के भी इस कांड में संलिप्त होने की बात चर्चे में है। हालांकि इस मामले में तिसरी अग्रवाला उच्च विद्यालय के केन्द्राधीक्षक, मजिस्ट्रेट व वज्रगृह में तैनात शिक्षकों से पूछताछ का दौर फिलहाल बाकी है।


