गुमला | गुमला के सरकारी स्कूलों में गुरुवार को एमडीएम के संचालन में परेशानी हो सकती है। चूंकि अपनी छह सूत्री मांगों के समर्थन में रसोइया-संयोजिका संघ के लोग रांची विस के समक्ष धरना-प्रदर्शन में जाएंगी। ऐसे में रसोइया की कमी के चलते एमडीएम का संचालन बाकी दिनों की अपेक्षा हो पाएगा। इसपर संशय है। जानकारी के अनुसार जिले में 1331 स्कूल है। जिसमें कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के बीच मध्याह्न भोजन परोसा जाता है। हालांकि रसोइया- संयोजिका संघ के आंदोलन को देखते हुए डीएसई नूर आलम खान ने तीन दिन पूर्व ही आदेश जारी किया है। जिसमें रसोइया-संयोजिका के आंदोलन का जिक्र करते हुए बीईईओ, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी और सीआरपी को उक्त तिथि को वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए बच्चों के लिए एमडीएम का संचालन करने का आदेश दिया है। किंतु इसका सफल संचालन हो पाएगा अथवा नहीं। इसपर कुछ कहा नहीं जा सकता। इधर, रसोइया-संयोजिका संघ की अध्यक्ष देवकी देवी ने उनका आंदोलन अटल है। बच्चों को परेशानी होगी, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर पहल नहीं कर रही है। उनके अनुसार मांगों में न्यूनतम वेतनमान, संयोजिका व अध्यक्ष को भी वेतन, पांच लाख रुपए का नि:शुल्क रसोईया का बीमा, 10 माह के जगह पर 12 माह का वेतन भुगतान, साल में दो ड्रेस विभाग की ओर से रसोईया को देने, पीएफ से रसोइया को जोड़ने और रसोइया का नौकरी स्थायीकरण करने की मांग शामिल है।


