लुधियाना| मदरसा गौसिया नूरिया में शुक्रवार को जुमे की नमाज पूरी अकीदत और धार्मिक उल्लास के साथ अदा की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के मुस्लिम धर्मावलंबियों की भारी भीड़ उमड़ी। नमाज से पूर्व नमाजियों को संबोधित करते हुए कारी नय्यर राजा ने इस्लाम में जकात के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली। कारी नय्यर राजा ने कहा कि जकात इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक अनिवार्य फर्ज है। उन्होंने समझाया कि जिस तरह इबादत से रूह की पाकीजगी होती है, ठीक उसी तरह अपनी गाढ़ी कमाई का एक निश्चित हिस्सा निकालने से इंसान का माल पाक और हलाल होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर साहिबे-निसाब निर्धारित संपत्ति का मालिक मुसलमान पर अपनी आय का हिस्सा गरीबों को देना फर्ज है और इसे पूरी ईमानदारी व दिल से अदा करना चाहिए। कारी साहब ने समाज से पुरजोर अपील की कि अपनी जकात को केवल सही हकदारों, यतीमों और बेसहारा लोगों तक ही पहुंचाएं। यह इंसानियत की सेवा का सबसे बड़ा और पवित्र जरिया है। नमाज के उपरांत मदरसे के प्रांगण में एक विशेष सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। इसमें देश में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और मुल्क की चहुंमुखी तरक्की के लिए हाथ उठाए गए। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगकर जुमे की मुबारकबाद दी।


