रक्तदान कर बचाई जान, सुमित्रा हुआ गांव में स्वागत

सरोना| रक्तदान को सबसे बड़ा दान माना जाता है और इस बात को ग्राम डंवरखार की सुमित्रा बाई मंडावी ने सच कर दिखाया है। सुमित्रा ने कांकेर के शासकीय कोमल देव अस्पताल में अपना रक्तदान कर एक जरूरतमंद मरीज की जान बचाने में बहुमूल्य योगदान दिया। उनके इस निस्वार्थ सेवाभाव की पूरे अंचल में सराहना हो रही है। पुनीत कार्य कर जब सुमित्रा गांव लौटीं, तो ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों ने सुमित्रा मंडावी के इस साहसिक और मानवीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका यह कदम पूरे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। गांव के प्रमुख वैराग शोरी ने बताया कि रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने के लिए गांव में यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सुमित्रा का यह कार्य हम सभी के लिए एक आदर्श है और हर स्वस्थ व्यक्ति को उनसे प्रेरणा लेकर इस महादान के लिए आगे आना चाहिए। स्वागत समारोह के दौरान गांव के जगनू राम नेताम का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया। इस दौरान गांव के प्रमुख वैराग शोरी, पर्वत पोया, घनश्याम कोडमे, छन्नू राम नेताम, संतोष पोया, संजू पोया और एवन नेताम व अन्य लोग मौजूद थे।

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