सिटी रिपोर्टर } बेंगलुरु स्थित चाणक्य विश्वविद्यालय में 13 से 27 फरवरी तक राष्ट्रीय कला शिविर ‘इंडियन आर्ट’ का आयोजन किया गया। जो शिक्षा मंत्रालय तथा इंडियन नॉलेज सिस्टम्स की परियोजना के तहत संपन्न हुआ। 15 दिवसीय राष्ट्रीय कला शिविर में भारत की 10 पारंपरिक कला शैलियों को प्रदर्शित किया गया। देशभर से आए 40 विशेषज्ञ कलाकारों ने प्रतिभागियों को भारतीय कला की गहराई व परंपराओं से परिचित कराया। शिविर में पंचतंत्र की 84 कहानियों को आधार बनाकर कला सृजन किया गया। इस राष्ट्रीय कला शिविर में गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, रांची के कला शिक्षक खुशबू कुमारी व गौरव पाल का चयन हुआ। मंच पर खुशबू कुमारी ने गुजरात की लोक कला “माता नि पछेड़ी’ और गौरव पाल ने “कंटेंपररी आर्ट’ में कला का प्रदर्शन किया। दोनों कला शिक्षकों को प्राचार्य शालिनी विजय, गुरु विवेक दास, गुरु तारक शंकर, गुरु माणिक ने बधाई दी।


