चान्हो के आनंद शीला आश्रम में साधु सहित 2 की हत्या, 4 धराए, 2 फरार

अपराधियों से लूटे गए रुपए, चांदी की चेन और हथियार बरामद
रांची के चान्हो स्थित आनंद शीला आश्रम में बुधवार रात करीब 12 बजे छह अपराधियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मारे गए लोगों की पहचान आनंदमार्गी साधु मुकेश शाह (50) और राजेंद्र यादव (35) के रूप में हुई। मुकेश भागलपुर और राजेंद्र बुढ़मू के रहने वाले थे। गुरुवार शाम खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम ने हत्याकांड में शामिल चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें जितेन्द्र यादव उर्फ छोटू, अरविंद यादव, सूरज पाहन और अफरोज अंसारी हैं। दो अपराधी अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार अपराधियों के पास से आश्रम से लूटे गए रुपए, चांदी की चेन और हथियार आदि बरामद हुए हैं।
आश्रम के लोगों के बताया कि रात करीब 12 बजे आधा दर्जन अपराधी चामा स्थित आनंदमार्गी आश्रम पहुंचे। सीधे पहले तल्ले पर साधु के कमरे में गए और लाठी-डंडे से मुकेश शाह और राजेंद्र यादव की पिटाई शुरू कर दी। दोनों की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद मुकेश शाह के जबड़े के नीचे गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अपराधियों ने राजेंद्र यादव के जबड़े और कंधे में गोली मारी और भाग निकले। जख्मी राजेंद्र यादव ने फोन कर रिश्तेदारों को घटना जानकारी दी। फिर, पुलिस को सूचना दी गई। चान्हो पुलिस तत्काल आश्रम पहुंचे और राजेंद्र को रिम्स पहुंचाया। लेकिन, गुरुवार दोपहर एक बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला लूटपाट से जुड़ा लग रहा है। हमलावरों का मकसद चोरी करना था। लेकिन इन दोनों ने विरोध किया तो दोनों की पिटाई की गई, फिर उन्हें गोली मार दी। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। दो हत्या का आरोपी था राजेन्द्र
पुलिस के अनुसार राजेंद्र यादव बुढ़मू में 2024 में भाई की प|ी और उनकी मासूम बेटी की हत्या का आरोपी था। वह काफी दिनों से आश्रम में छुपकर रह रहा था। राजेंद्र यादव विवाहित था। पुलिस उसे लंबे समय से ढूंढ़ रही थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। 2 माह पहले आश्रम लौटे थे मुकेश
आश्रम के लोगों का कहना है कि मुकेश शाह कुछ साल पहले आश्रम के काम से ब्राजील गए थे। उन्होंने वहीं शादी कर ली। उनकी एक बेटी भी है। करीब दो माह पहले प्रशिक्षण लेने वे आनंद शीला आश्रम लौटे थे। हालांकि, अभी ट्रेनिंग शुरू भी नहीं हुई थी कि यह हादसा हो गया। अपराधियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि गोली लगने से साधु की मौके पर मौत हो गई थी, लेकिन राजेंद्र यादव घायल था। मौत से पहले उसने पुलिस को अपराधियों का हुलिया बताया था। राजेंद्र ने ही कहा था कि आश्रम में लूटपाट की गई थी। अपराधियों का विरोध करने पर साधु और उसे गोली मारी गई। बयान देने के बाद उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ में इन चारों अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे आश्रम में लूटपाट के लिए गए थे। साधु और राजेंद्र ने इसका विरोध किया। इसीलिए दोनों को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।
लूटपाट के दौरान विरोध करने पर अपराधियों ने मार डाला

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