बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने विधानसभा में कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) में बूंदी के 64 गांवों और केशोरायपाटन नगर पालिका को शामिल किए जाने से क्षेत्र का विकास रुक गया है। कोटा एयरपोर्ट के लिए बूंदी की 3000 बीघा जमीन दी गई है। इसलिए एयरपोर्ट का नाम कोटा-बूंदी एयरपोर्ट किया जाए। उन्होंने जिले के विकास को लेकर विधानसभा में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि केशोरायपाटन और तालेड़ा क्षेत्र की लाखों बीघा आबादी, चारागाह और सिवायचक भूमि केडीए के खाते में दर्ज कर दी गई है। तालेड़ा के 48 गांव और केशोरायपाटन क्षेत्र के 16 गांव इसमें शामिल हैं। केडीए ने अब तक इन ग्राम पंचायतों के लिए कोई विकास योजना नहीं बनाई है। विधायक ने बूंदी में नगर विकास न्यास और मिनी सचिवालय की स्थापना की मांग की। साथ ही बूंदी शहर के विस्तार में मेडिकल कॉलेज, तालाब गांव, दलेलपुरा, फूल सागर के पास रामपुरिया और ठीकरदा पंचायत की गणेश घाटी को शामिल करने की मांग रखी। उनका कहना है कि दोहरे प्रशासन के कारण क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही वर्तमान में नगर परिषद बूंदी का विस्तार किया गया है, जिसमें 19 राजस्व ग्रामों को शामिल किया गया है। इन 19 राजस्व ग्रामों के साथ ही तालाब गांव (मेडिकल कॉलेज), दलेलपुरा, फूल सागर के पास रामपुरिया और ठिकरदा पंचायत की गणेश घाटी को शामिल करते हुए बूंदी के सर्वांगीण विकास हेतु नगर विकास न्यास बंदी बनाया जाए। वर्तमान में रोडवेज बस स्टैंड को पुरानी कृषि उपज मंडी के स्थान पर स्थानांतरित कर रोडवेज की भूमि एवं वर्तमान में स्थापित जिला कलेक्टर एवं अन्य कार्यालय सहित न्यायालय परिसर को एक करते हुए मिनी सचिवालय की स्थापना की जाए। साथ ही एयरपोर्ट का नाम कोटा बूंदी एयरपोर्ट रखा जाए।


