भास्कर न्यूज | सुकमा भाजपा नेताओं पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप पत्रवार्ता में पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने लगाया है। मनीष कुंजाम ने कहा कि पूरे प्रदेश में जिला और जनपद पंचायत का गठन पूरा हो चुका है, लेकिन सुकमा जिले में अब तक नहीं हुआ है। सत्ता से जुड़े भाजपा नेता प्रशासन पर दबाव बनाकर सम्मेलन की तारीख आगे बढ़ दी है। पहले 4 व 5 मार्च को जिला और तीनों जनपद पंचायत का गठन करने के लिए अधिसूचना जारी की गई। अब तारीख को एक सप्ताह आगे बढ़ते हुए 10 मार्च कर दिया गया है। इसके पीछे मंशा साफ है। भाजपा नेता चाहते हैं कि जिला और जनपदों में उनकी सरकार बने लेकिन सुकमा जिले में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है जोकि लोकतांत्रिक व्यवस्था की खूबसूरत तस्वीर है। सुकमा की जनता ने भाजपा को बहुमत नहीं दिया इसलिए भाजपा नेता सरकारी मशीनरी का बेजा फायदा उठाना चाहते हैं। जिला पंचायत में कांग्रेस बहुमत में है तो वहीं कोंटा और छिंदगढ़ में सीपीआई के उम्मीदवार ज्यादा हैं। भाजपा नेता बहुमत में नहीं होने के बाद भी सीपीआई के साथ गठबंधन करना चाहते थे। जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे लगातार मेरे संपर्क में थे, लेकिन मेरे द्वारा 1 मार्च को कांग्रेस के साथ जाने का फैसला सुना दिया। इसके बाद से ही भाजपा नेता किसी भी तरह जिला व जनपद में अपनी सरकार बनाने के हथकंडे अपना रहे हैं। नवनिर्वाचित जिला व जनपद सदस्यों को तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं वहीं सत्ता का डर भी दिखा रहे हैं।


