भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर शहर से लेकर गांव तक स्वच्छता की कमान महिलाओं ने संभाल रखी है। गांव के घरों से निकलने वाले कचरा को बेच कर महिला समूह ने 22 हजार रुपए प्राप्त किया। यही नही इस पैसे का इस्तेमाल महिला समूह के द्वारा स्वच्छता के उपयोग में किया जा रहा है। स्वच्छता से जुड़ी महिलाएं उत्साहित है इस बात को लेकर की कचरा बेच कर भी कमाया जा सकता है। हम बात कर रहे है कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद के ग्राम पंचायत बुढार की। जहां स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए अंजली बाई, हिरामनी, मित्तल बाई और लीलावती दीदी समेत अन्य कई महिलाओं सक्रिय होकर काम कर रहे है। ग्राम पंचायत बुढ़ार के सरपंच पुरन सिंह पैकरा ने जब स्वच्छ भारत मिशन से प्रेरित होकर गांव को साफ-सुथरा और आदर्श पंचायत बनाने का निर्णय लिया, तब इन ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल का नेतृत्व करने आगे आई। लेकिन गांव में ग्रामीणों को कचरा प्रबंधन के बारे में समझाना बहुत कठिन काम था। जिसे इन महिला समूह की सदस्यों ने चुनौति माना और काम पर जुट गई। महिलाओं ने बताया कि यह राह आसान नहीं था। शुरुआत में गांव के लोगों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। स्वच्छता को लेकर उदासीनता, कचरा प्रबंधन की समझ का अभाव और सामाजिक रूढ़ियों के चलते इन महिलाओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उनके प्रयासों का मजाक भी उड़ाया। लेकिन महिला समूह की दीदियों ने हार नहीं मानी। पहले चरण में जागरूकता अभियान चलाया समूह की महिलाओं ने चुनौति को स्वीकार कि और पहले चरण में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया, लोगों को यह समझाया कि कचरे का सही निपटान न केवल पर्यावरण, बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे गांव वाले इस अभियान में सहयोग देने लगे। कचरा प्रबंधन से कमाई का रास्ता खुला ग्राम पंचायत ने स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी महिला समूहों को कचरा प्रबंधन के लिए रिक्शा उपलब्ध कराया। अब ये महिलाएं हर बुधवार और शनिवार को घर-घर जाकर कचरा एकत्र करती हैं। कचरा को सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर में पहुंचाती है। यहां महिलाओं ने अब तक 350 किलो सूखा कचरा और 57 किलो प्लास्टिक कचरा 22 हजार रुपए का कचरा बेच दिया।


