थार को दुनिया के ऑयल मैप पर लाने वाले बाड़मेर के तेल क्षेत्रों के नाम अब एक और उपलब्धि जुड़ गई है। यहां के ऑयल फील्ड्स के दूर गांवों में बसी महिलाएं अपने कौशल से देश-विदेश में अपनी पहचान बना रही है। इसी कड़ी में जीजी बाई स्वयं सहायता समूह का नाम जुड़ गया है। उनके द्वारा बाड़मेर में तैयार किए गए मिलेट कुकीज यानी बाजरे के बिस्किट्स अब लंदन तक प्रसिद्ध हो चुके हैं। विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को जीजी बाई कुकीज को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए क्यू आर कोड मार्केटिंग की शुरुआत मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल में की गई। जीजीबाई के उत्पादों की सफलता को देखते हुए उन्हें हाल में दिल्ली में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में केयर्न, वेदांता के प्रदर्शनी स्थल में शामिल किया गया। वहां लोगों ने उनके बनाए उत्पादों को पसंद किया। भारत की डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने जीजी बाई के कार्यों की तारीफ करते हुए उन्हें दिल्ली का न्यौता दिया। इससे पूर्व जयपुर में हुए जयगढ़ फेस्टिवल और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भी जीजी बाई की विदेशी मेहमानों ने सराहना की। उन्हें अब लंदन स्थित प्रशंसकों से ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। ब्रह्माणी सैल्फ हैल्प ग्रुप के अंतर्गत बनी डेयरी प्रोडक्ट्स और हस्तशिल्प वस्तुएं लोगों को अब खूब पसंद आ रही है। बाड़मेर की पहली इंटीरियर डिजाइनर गुंजन बाड़मेर की गुंजन चौधरी ने जिले की पहली महिला इंटीरियर डिजाइनिंग का खिताब अपने नाम किया। बड़ी बहन के सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बावजूद गुंजन ने अलग राह चुनी और जयपुर से 2018-2021 के दौरान इंटीरियर डिजाइनिंग में बीएससी की डिग्री पूरी की। डिग्री के बाद गुंजन ने दो साल जयपुर और एक साल गुरु ग्राम की प्रतिष्ठित फर्मों में काम किया। हालांकि उनका सपना हमेशा अपने जिले बाड़मेर में सेवा देने का था। उन्होंने देखा कि लोग अपने घरों और ऑफिसों के इंटीरियर के लिए बाहरी जिलों से डिजाइनरों को बुलाते हैं। इसी आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने 2024 में “कला केंद्र इंटीरियर डिजाइन” के नाम से अपनी फर्म की स्थापना की। स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक किया विस्तार गुंजन की फर्म बाड़मेर में 10-12 साइट्स पर सक्रिय है। शिमला, जयपुर, बेंगलुरु जैसे महानगरों में भी वे ऑनलाइन सेवाएं प्रदान कर रही है। उनका लक्ष्य है कि बाड़मेर और आसपास के इलाकों में आधुनिक और सुंदर इंटीरियर सेवाएं लोगों को उनके ही शहर में मिल सकें।


