छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया, नाट्य प्रस्तुतियां दी

भास्कर न्यूज|​घाघरा/गुमला घाघरा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में मंगलवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रूप से मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के कई विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं का आदरपूर्वक सम्मान किया और उपहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसी कड़ी में सरस्वती शिशु मंदिर देवाकी सहित प्रखंड के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़े कई आयोजन हुए। ​प्रखंड के मकरा स्थित सॉलिटेयर एजुकेशनल अकादमी में गुरु पूर्णिमा और सावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन व गो-पूजन के साथ हुई। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने शिक्षकों के माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया व गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित भावपूर्ण स्वागत भाषण और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। शिक्षकों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया। ​समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक विविधता का सुंदर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा भगवान जगन्नाथ, शहीद भगत सिंह के जीवन और अन्य प्रेरणादायक विषयों पर आधारित आकर्षक नृत्य व नाट्य प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। उत्सव के माहौल को और रोचक बनाने के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। ​सावन महोत्सव के विशेष आकर्षण के रूप में कक्षा-वार फैंसी ड्रेस और रैम्प वॉक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। लोहरदगा|गायत्री शक्तिपीठ लोहरदगा में बुधवार को गुरु पूर्णिमा अनुशासन पर्व मनाया गया। जिसमें 24 गायत्री मंत्र की आहुति के साथ-साथ परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के ओम प्रखर प्रज्ञाए विद्महे महाकाल धीमहि तन्नो श्रीरामा प्रचोदयात् की आहुति दी गई। लोगों ने यज्ञ में शामिल होकर गुरु पर्व मनाया। साथ ही 18 सत्संकल्प को जाना, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा का नारा लगाया सभी ने यह संकल्प लिया कि हम दूसरों के साथ वह व्यवहार नहीं करेंगे जो हमें अपने लिए पसंद ना हो। इसी संकल्प के साथ आज गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व गायत्री शक्तिपीठ में मनाया गया अंत में प्रसाद वितरण के साथ सभी को गुरु दक्षिणा देने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, रचनात्मकता व आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया। ​विद्यालय की सचिव अंकिता श्री ने सभी को गुरु पूर्णिमा और सावन महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है और गुरुजनों का सम्मान करना ही जीवन का वास्तविक आधार है। वहीं, प्रधानाचार्य चंद्रकांत पाठक ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार और उनके आत्मविश्वास को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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