कहते हैं कि अगर नीयत सच्ची हो और बच्चों का सपना बड़ा हो, तो ईश्वर भी मदद के रास्ते खोल देता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला है फाजिल्का जिले के जलालाबाद क्षेत्र में, जहाँ एक साधारण मेहनत-मजदूरी करने वाले व्यक्ति की ₹1 लाख की लॉटरी लग गई है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार के लिए यह इनाम किसी वरदान से कम नहीं है, जिसे पिता अब अपने बेटों की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे। जलालाबाद के पास स्थित गांव धरमूवाला के रहने वाले सुखदेव सिंह खेती-बाड़ी और मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। उनके पास मात्र एक एकड़ जमीन है, जिसके सहारे वे किसी तरह अपने परिवार और दो बच्चों का गुजारा चला रहे हैं। उनका एक बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ता है, जबकि दूसरा छठी कक्षा का छात्र है। सुखदेव सिंह बताते हैं कि सीमित आय के कारण वे बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने को लेकर अक्सर चिंतित रहते थे। एक एकड़ जमीन और आर्थिक तंगी का संघर्ष सुखदेव सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि हाल ही में उनके बेटे ने उनसे कहा था— “पापा, मैं खूब पढ़कर-लिखकर आगे चलकर DSP बनना चाहता हूँ। आप लॉटरी का टिकट खरीदिए, अगर पैसे आ गए तो मैं उससे आगे की पढ़ाई करूँगा।” बेटे की इसी मासूम बात से प्रेरित होकर जब सुखदेव सिंह किसी निजी काम से फाजिल्का आए, तो उन्होंने महरियां बाजार स्थित ‘हरबंस लॉटरी एजेंसी’ से अपने जीवन का पहला लॉटरी टिकट खरीदा। पहली ही बार में निकला ₹1 लाख का पहला इनाम सुखदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कभी लॉटरी नहीं खरीदी थी, लेकिन किस्मत देखिए कि पहली ही बार में उनका ₹1 लाख का इनाम निकल आया। एजेंसी संचालक हरबंस सिंह ने बताया कि सुखदेव सिंह ने उनके यहाँ से नागालैंड स्टेट लॉटरी का टिकट खरीदा था। टिकट नंबर 25427 पर ₹1 लाख का प्रथम पुरस्कार निकला है। बच्चों के भविष्य पर खर्च होंगे पैसे ₹1 लाख का इनाम जीतने की खबर मिलते ही सुखदेव सिंह के परिवार में खुशी का माहौल है। सुखदेव सिंह का कहना है कि भगवान ने उनके बेटे की मासूम पुकार सुन ली है। वे इस पूरे पैसे का इस्तेमाल अपने बच्चों की पढ़ाई और उनके सपने पूरे करने के लिए करेंगे ताकि उनका बेटा आगे चलकर देश और समाज की सेवा कर सके।


