राजस्थान पर्यटन विभाग कहता है- पधारो म्हारे देश… और पीड़ित पर्यटक बेचारे जयपुर आने से डरने लगे हैं। कारण- दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग ताबड़तोड़ कार्रवाइयां कर रहा है। 6 दिन में ही 234 वाहनों पर करीब 2 करोड़ रुपए का टैक्स बना चुका है। हैरत की बात है कि आरटीओ इंस्पेक्टर बिना नोटिस के ही घर-होटल-वर्कशॉप से अन्य राज्यों के रजिस्टर्ड वाहनों को उठा रहे हैं। परिवहन विभाग के निशाने पर खास तौर पर दिल्ली और हरियाणा नंबर की गाड़ियां रहती हैं। कायदा कहता है कि एमवी एक्ट-1951 के सेक्शन 17(2) और सेक्शन 8(A) के तहत वाहनों को सीज करने से पहले वाहन मालिक को नोटिस देना जरूरी होता है। इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। कार्रवाई के विरुद्ध कई वाहन मालिक विभाग के खिलाफ कोर्ट भी गए हैं। वहीं, गलत कार्रवाई की शिकायत लेकर आरटीओ ऑफिस पहुंचने वालों पर अधिकारी टैक्स जमा कराने का दबाव बना रहे हैं, जबकि वाहन मालिक कार का लगातार 30 दिन तक प्रदेश में संचालन नहीं होने के सबूत तक दे रहे हैं। राजधानी के लोग सबसे अधिक आरटीओ द्वितीय के इंस्पेक्टरों की ओर से की जा रही कार्रवाई से परेशान हैं। गलत करने को नहीं कहा : बैरवा
“मेरे पास भी कुछ लोगों के फोन आए हैं कि उनकी गाड़ियों को स्टेट में चलते हुए 30 दिन नहीं हुए, इसके बावजूद पकड़ ली। इस संबंध में मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गलत कार्रवाई न करें। रही इस तरह के वाहनों में विशेष छूट देने की तो इस पर अधिकारियों से चर्चा कर मार्च महीने में एमनेस्टी योजना पर विचार किया जा सकता है।”
– प्रेमचंद बैरवा, डिप्टी सीएम एवं परिवहन मंत्री छूट 80% थी तो 50 हजार वाहनों से 250 करोड़ रुपए राजस्व मिला, टैक्स दायरा 25% किया तो राजस्व 20 करोड़ रह गया टैक्स में 50% छूट हाेने पर हर साल 15,400 वाहनाें का रजिस्ट्रेशन हाे रहा है। इससे हर साल करीब 75 कराेड़ रुपए का राजस्व आ रहा था। छूट का दायरा बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया ताे हर साल 50 हजार वाहनाें का पंजीयन हुअा। राजस्व भी बढ़कर 250 कराेड़ रुपए हाे गया। टैक्स दायरा घटाकर 25% किया ताे वाहनाें की संख्या घटकर 5 हजार रह गई। इससे विभाग काे करीब 20 कराेड़ रुपए राजस्व मिला। आरटीओ का 11 माह आराम …और सिर्फ मार्च में ही काम क्यों?
आरटीओ-डीटीओं को वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल में ही राजस्व वसूली का टारगेट दे देते हैं, लेकिन अधिकारी पूरे साल आराम करते हैं और मार्च में एक्टिव होते हैं। इतना ही नहीं विभाग के 8 हजार करोड़ के टारगेट में से आरटीओ उड़नदस्तों से साल में मात्र करीब 370 करोड़ रुपए आता है। इसमें से मार्च में करीब 60 करोड़ रुपए आते हैं। कुल 8 हजार करोड़ में से अकेले मार्च में करीब 1500 कराेड़ रुपए आते हैं। नियम: बिना सत्यापन व नोटिस के कार्रवाई नहीं कर सकते मेहमानों की परेशानी, छवि शहर की खराब हो रही पधारों म्हारे देश – मगर मार्च छोड़कर;…क्योंकि हमारा परिवहन विभाग बाहरी गाड़ियां पकड़ने का टारगेट पूरा कर रहा है दूसरे राज्य के नंबर की घर में खड़ी गाड़ियां उठा ले गया विभाग; फिल्म डायरेक्टर अजय शर्मा प्रयागराज में थे, परिवहन विभाग ने रिजॉर्ट-होटल से 2 लग्जरी गाड़ियां उठाईं, 16 लाख रुपए टैक्स बनाया शादी में हरियाणा से आया परिवार, गाड़ी जब्त की; हरियाणा से जयपुर में शादी समारोह में आए परिवार की कार आरटीओ ने जब्त कर ली एमपी से बेटे से मिलने आए पिता की कार पर 40 हजार की पैनल्टी; इंदौर के नेत्रपाल जयपुर बेटे से मिलने आए, 2000 रुपए चालान, 40 हजार रुपए टैक्स बनाया


